हिमाचल की राजधानी स्थित राजकीय महाविद्यालय फागली छात्रों को सुविधाएं देने के मामले में लगातार फिसड्डी होता जा रहा है। हालत यह है कि कालेज प्रशासन छात्र-छात्राओं से कंप्यूटर और लाइब्रेरी फीस तो बाकायदा वसूल रहा है परंतु अभी तक कालेज में लाइब्रेरी खुली है और न ही कंप्यूटर रूम के ताले खोले गए हैं। फलस्वरूप छात्रों में रोष है।
इसी के चलते आज संस्कृत महाविद्यालय की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने छात्रों को आ रही विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना दिया और प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपकर कालेज प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि छात्र-छात्राओं को आ रही दिक्कतों को तुरंत हल नहीं किया गया तो परिषद आंदोलन पर उतर आएगी।
धरने को संबोधित करते हुए विद्यार्थी परिषद की नेता गीतांजलि पाठक ने कहा कि किसी भी महाविद्यालय के लिए इससे शर्मनाक बात नहीं हो सकती कि वहां छात्राओं के लिए शौचालय ही मौजूद न हो लेकिन संस्कृत महाविद्यालय फागली में ऐसा है। उनका कहना था कि कालेज में पानी की भी व्यवस्था नहीं है और कालेज को किराये के भवन में चलाया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि संस्कृत कालेज के भवन के निर्माण को तुरंत आरंभ किया जाए।
परिषद नेता खेमराज ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में आचार्य के छह पद स्वीकृत हैं जिनमें से पांच पद खाली है। यही हालत अन्य अध्यापकों की भी है। ऐसे में यहां केवल छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ ही हो रहा है(दैनिक ट्रिब्यून,शिमला,22.9.2010)।
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