केंद्र ने रिजल्ट और नए दाखिलों पर रोक लगाई
सरकारी और प्राइवेट अस्पताल का चिकित्सीय ढाँचा सुधारने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया दक्षता विकास मिशन प्रोग्राम बंद हो गया है। केंद्र सरकार ने परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी है। नए दाखिले पर भी पाबंदी लगा दी गई है। मिशन के तहत छात्रों को प्रशिक्षित करने और परीक्षा कराने में अस्पताल के हजारों रुपए खर्च हो चुके हैं। अस्पताल प्रशासन ने लगातार कानपुर स्थित नोडल सेंटर प्रभारी को पत्र लिखे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। बलरामपुर, लोहिया और सिविल अस्पताल में जनवरी से दक्षता विकास मिशन प्रोग्राम शुरू हुआ। इसमें ओटी टेक्नीशियन सहायक , बेड साइड असिस्टेंट, एक्स-रे टेक्नीशियन सहायक और ईसीजी सहायक समेत कई कोर्स थे। एक से छह माह के विभिन्न प्रोग्राम में छात्रों से 800 से 12 सौ रुपए लिए गए। परीक्षा उत्तीर्ण करने की दशा में शुल्क वापसी का प्रावधान किया गया था। लोहिया अस्पताल में तीन बैच निकल चुके हैं। प्रत्येक बैच में 60 से अधिक छात्र थे। इसी प्रकार सिविल अस्पताल में अब तक 90 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बलरामपुर अस्पताल में 100 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन छात्रों की परीक्षा हो चुकी है। लेकिन परिणाम अभी तक घोषित नहीं किया गया। छात्र अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. आई शरण ने बताया कि केंद्र सरकार दक्षता विकास मिशन प्रोग्राम का ऑडिट करा रही है। फिलहाल प्रवेश व परीक्षा परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी गई है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके चावला के मुताबिक विभिन्न प्रोग्राम की परीक्षाएँ तीन महीने पहले ही सम्पन्न हो चुकी है, परिणाम अब तक घोषित नहीं किया गया(हिंदुस्तान,लखनऊ,7.9.2010)।
educaton reformation is necessary
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