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02 सितंबर 2010

जम्मू-कश्मीरःओपन स्कूल खोलने की तैयारी पूरी

अपनी पढ़ाई को बीच में छोड़ कर काम पर लग चुके, ड्राप आउट होने वाले विद्यार्थियों या रेगुलर पढ़ाई करने में असमर्थ बच्चों के लिए राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड उम्मीद की किरण लेकर आ रहा है। बोर्ड ने राज्य में पहला ओपन स्कूल खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। नेशनल ओपन स्कूल की तर्ज पर राज्य में खुलने वाले ओपन स्कूल से शुरुआती दौर में विद्यार्थी दसवीं कक्षा कर सकेंगे। शत प्रतिशत साक्षरता दर के मिशन के साथ खोले जाने वाले ओपन स्कूल के जम्मू व श्रीनगर में कार्यालय खोले जाएंगे। एक पखवाड़े के भीतर इनका उद्घाटन हो जाएगा। स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. देशबंधु ने जागरण को विशेष साक्षात्कार में बताया कि ओपन स्कूल के लिए पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है। चेयरमैन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है और डायरेक्टर एकेडिमक इसके को-आर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। ओपन स्कूल में दाखिले के लिए प्रासपैक्ट्स कुछ ही दिनों में छपकर आ जाएंगे। ढांचागत सुविधाओं के लिहाज से जम्मू व कश्मीर से 55 स्कूलों को मान्यता दी गई है। इसमें 40 जम्मू व 15 कश्मीर से हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, पुस्तकें व स्टडी मैटेरियल दिया जाएगा। यह सारा मैटेरियल बोर्ड उपलब्ध कराएगा और विद्यार्थियों से मात्र एक हजार रुपये चार्ज किए जाएंगे। जो विद्यार्थी इसमें दाखिला लेगा, उसे पर्सनल कांटेक्ट प्रोग्राम के तहत वर्ष में कुछ दिन क्लास में पढ़ाई का मौका भी मिलेगा। फिलहाल ओपन स्कूल में दसवीं कक्षा शुरू की जा रही है। इसमें आवेदन करने के लिए आठवीं कक्षा पास होना जरूरी है। शीघ्र ही अधिसूचना जारी होगी, जिसमें नियमों संबंधी पर्याप्त जानकारी उपलब्ध होगी। प्रो. देशबंधु ने बताया कि जिस तरह से रेगुलर दसवीं कक्षा की परीक्षा होती है, परीक्षा केंद्र बनते हैं, असाइनमेंट व प्रैक्टिकल होते हैं, सारी प्रक्रिया होगी और बोर्ड द्वारा दी जाने वाली डिग्री रेगुलर डिग्री के बराबर होगी। बोर्ड ने अगले पांच वर्ष में ओपन स्कूल को 12वीं तक बढ़ाने व शत प्रतिशत साक्षरता मिशन के तहत आगे बढ़ाने के लिए ढाई करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थी आठवीं कक्षा के बाद नौवीं कक्षा में फेल होने या कुछ पढ़ाई छोड़ कर काम पर लग जाते हैं, कई लड़कियां पढ़ाई नहीं कर पाती हैं, उनके लिए ओपन स्कूल वरदान साबित होगा। एससी व एसटी लड़कियों को फीस में भी रियायत मिलेगी(सतनाम सिंह,दैनिक जागरण,जम्मू,2.9.2010)।

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