मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के छात्रों की सालों से चली आ रही सामूहिक बीमे की मांग आखिरकार पूरी हो गई है और इसी सत्र से संभाग के लगभग 1 लाख छात्रों को इसका फायदा मिल सकेगा। विवि प्रशासन ने लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और बीमा कंपनी से समझौता अंतिम कगार पर है। इसके साथ ही मात्र 19 रूपए में विवि के संघटक और सम्बद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों को एक लाख रूपए का बीमा मिल सकेगा। विश्वविद्यालय की ओर से मांगे गए प्रस्तावों में विभिन्न बीमा कंपनियों की ओर से 19 से 26 रूपए तक के प्रस्ताव मिले हैं।
अब विवि प्रशासन प्रति विद्यार्थी 19 रूपए के प्रस्ताव वाली बीमा कंपनी के साथ समझौता करने के लिए सेवा शर्तो का अध्ययन कर रहा है। इसमें किसी विद्यार्थी की दुर्घटना में मौत होने पर उनके परिवारजनों को एक लाख रूपए की सहायता दी जाएगी। वहीं अंग-भंग होने पर पचास हजार रूपए और गंभीर घायल होने पर 25 हजार रूपए का प्रस्ताव है।
विवि प्रशासन ने रिसर्च में पाया है कि संभाग के सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में सांप काटने की घटनाएं सबसे ज्यादा होती हैं। इसलिए प्रशासन इस दुर्घटना को भी बीमे में शामिल करना चाहता है और इसके लिए बीमा कंपनियों से बातचीत की जा रही है।
हां, बीमे की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। हम बीमा कंपनियों से प्रति विद्यार्थी थोडा पैसा और कम करवाने का प्रयास कर रहे हैं। सभी औपचारिकताएं जल्द ही पूरी हो जाएंगी और इसी सत्र से विद्यार्थियों को इसका फायदा मिल सकेगा।
प्रो. आई वी त्रिवेदी, कुलपति, मोसुविवि,उदयपुर
173 कॉलेजों को मिलेगा फायदा
इस योजना का फायदा विश्वविद्यालय के चारों संघटक कॉलेज व विवि से सम्बद्ध 169 कॉलेजों के लगभग 1 लाख विद्यार्थियों को मिल सकेगा। इसके अलावा विवि के सभी स्नातकोत्तर विभागों व रिसर्च छात्रों को भी इस बीमा योजना में शामिल किया जाएगा(राजस्थान पत्रिका,उदयपुर,30.9.2010)।
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