मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में इंटरनेट की चाल अब कमाल की होगी। नेशनल नॉलेज नेटवर्क के अंतर्गत संस्थान में इंटरनेट की क्षमता दस गुना बढ़ गई है। अब तक जहां संस्थान में कम्प्यूटर एवं शोध प्रयोगशालाओं में इंटरनेट की चाल 100 मेगाबाइट हुआ करती थी वहीं नई सुविधा के अतंर्गत यह क्षमता 1 हजार मेगाबाईट यानी 1 गीगाबाइट पार कर गई है। ऐसा संस्थान की तकनीक को अत्याधुनिक बनाने के उद्देश्य से किया गया। इंटरनेट के प्रयोग की क्षमता बढ़ जाने से यहां पर ऑनलाइन सुविधाओं में भी बढ़ोतरी होगी। छात्रों को विषयक जानकारी एवं तकनीक व प्रौद्योगिकी के अत्याधुनिक संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। एमएनएनआईटी में इंटरनेट पर सूचनाओं का खजाना अधिक समृद्ध होगा। यहां पर आधुनिक तकनीक और शोध के माध्यम से वेबसाइट पर ऑनलाइन सूचनाओं का संसार अब अधिक विस्तार लेगा। वेबसाइट पर अब तकनीकी फलक के साथ अब सामाजिक समस्याओं का विस्तृत हल भी उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। यह सुविधा संस्थान के कम्प्यूटर एवं अध्ययन के समस्त लैब में उपलब्ध होगी। संस्थान के निदेशक डा. एबी समद्दर का कहना है कि विश्व के शीर्ष इंजीनियरिंग एवं तकनीकी कालेजों में छात्र इतनी उच्च गति के नेट का प्रयोग करते हैं। इस सुविधा से छात्रों के विज्ञान एवं तकनीक की दुनिया में हो रहे प्रयोगों की सटीक जानकारी बेहद आसानी से मिल सकेगी। यह सुविधा छात्रों को वर्चुअल लाइब्रेरी से भी जोड़ेगी जहां छात्र परिकल्पना को साकार होता देख सकेंगे। छात्र विश्र्व के किसी भी संस्थान में चल रहे अध्ययन एवं शोधकार्य का सजीव प्रस्तुतिकरण देखेंगे। यह सुविधा छात्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय लैब जर्नल से भी जोड़ेगी। डा. समद्दर ने स्पष्ट किया कि इंटरनेट से सूचना प्राप्त करने का प्रतिशत दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। लेकिन छात्रों को संस्थानों एवं कम्पनी की वेबसाइट से वांछित जानकारी तकनीकी कारणों से नहीं प्राप्त हो पाती। बढ़ी हुई क्षमता से तकनीकी त्रुटियों का भी त्वरित निदान हो सकेगा(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,1.10.2010)।
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