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11 अक्टूबर 2010

सरकारी बैकों में कारोबार के मामले में आईडीबीआई कर्मचारी शीर्ष पर

वर्ष 2009-10 में नया कारोबार लाने के मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैकों में आईडीबीआई बैक के कर्मचारियों का स्थान अन्य सरकारी बैकों के मुकाबले अव्वल रहा। बैकों के प्रोफाइल पर रिजर्व बैक के आंकड़ों के अनुसार आईडीबीआई बैक के प्रत्येक कर्मचारी ने पिछले वित्त वर्ष में औसतन 24.17 करोड़ रुपए का कारोबार किया जबकि औद्योगिक औसत 8.73 करोड़ रुपए रहा। बहरहाल, बैक के कर्मचारियों का वेतन पिछले वित्त वर्ष में बैक के कुल खर्च का 5.10 फीसद है जबकि औद्योगिक औसत 14.83 फीसद है। दिलचस्प बात यह है कि देश के सबसे बड़े बैक एसबीआई के कर्मचारी कारोबार के मामले में नीचे है। आंकड़ों के अनुसार एसबीआई के कर्मचारियों का औसत कारोबार आलोच्य वित्त वर्ष में 6.36 करोड़ रुपए रहा। स्टेट बैक के नीचे प्रति कर्मचारी औसत कारोबार उसके सहयोगी स्टेट बैक आफ बीकानेर एंड जयपुर का है। बैक के प्रत्येक कर्मचारी ने 2009-10 में औसतन 6.27 करोड़ रुपए का कारोबार किया। जिन बैकों के कर्मचारियों ने पिछले वित्त वर्ष में अच्छा कारोबार किया, उनमें बैक आफ इंडिया, कारपोरेशन बैक और ओरिएंटल बैक आफ कामर्स शामिल है। जहां बैक आफ इंडिया के प्रत्येक कर्मचारी ने 10.11 करोड़ रुपए का औसतन कारोबार किया, वहीं कारोपेरेशन बैक के कर्मचारी ने 10.11 करोड़ रुपए का औसत कारोबार किया। ओरिएंटएल बैक आफ कामर्स के कर्मचारियों का औसत कारोबार 13.31 करोड़ रुपए रहा। इसकी तुलना में पंजाब नेशनल बैक के कर्मचारियों का औसत कारोबार 8.07 करोड़ रुपए रहा। वहीं केनरा बैक के कर्मचारियों ने औसतन 9.82 करोड़ रुपए का कारोबार किया। इसी प्रकार, बैक आफ बड़ौदा के कर्मचारियों ने औसतन 9.81 करोड़ रुपए का कारोबार किया। बहरहाल, एसबीआई और उसके सहयोगी बैकों का स्थान नीचे रहा। स्टेट बैक आफ हैदराबाद के कर्मचारियों का औसत कारोबार 7.55 करोड़ रुपए रहा वहीं स्टेट बैक आफ मैसूर के कर्मचारियों का औसत कारोबार 6.72 करोड़ रुपए तथा स्टेट बैक आफ त्रावणकोर का 6.96 करोड़ रुपए रहा। निजी क्षेत्र के बैकों में आईसीआईसीआई बैक के कर्मचारियों ने औसतन 10.29 करोड़ रुपए का कारोबार किया जबकि एक्सिस बैक के कर्मचारियों का औसतन कारोबार 11.11 करोड़ रुपए रहा। इसके विपरीत एचडीएफसी बैक के कर्मचारियों का औसत कारोबार 2009-10 में 5. 90 करोड़ रुपए रहा। विदेशी बैकों में सिटी के कर्मचारियों ने औसतन 19.79 करोड़ रुपए का कारोबार किया वहीं एचएसबीसी के प्रत्येक कर्मचारी का कारोबार 11.35 करोड़ रुपए रहा। कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे बाजार की चाल नई दिल्ली (एजेंसी)। कंपनियों के दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे इस सप्ताह के अलावा आगे के लिए बाजार की दिशा तय करेंगे। पिछला सप्ताह मिले जुले रुख के साथ बंद हुआ और बंबई स्टाक एक्सचेंज में 5 सप्ताह से जारी तेजी थम गई। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख (खुदरा) सौरभ जैन ने कहा, परिणामों की घोषणा इस सप्ताह शुरू हो रही है और ये परिणाम चालू कैलेंडर वर्ष अंत तक के लिए बाजार को दिशा देने का काम करेंगे। कंपनियों के कार्य-परिणामों की घोषणा की शुरुआत प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस के साथ होगी जो 15 अक्टूबर को अपने परिणाम घोषित करने जा रही है। मोतीलाल ओसवाल की आय पूर्व समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार सेंसेक्स आधारित कंपनियों की आय चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 22 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है जबकि प्रथम तिमाही में यह आय 25 प्रतिशत बढ़ी थी। घरेलू ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने एक परिपत्र में कहा कि ऐसा लगता है कि बाजार को आगे पर्याप्त ऊंचाई पर ले जाने के लिए नये बाजार उत्प्रेरक की आवश्यकता है। अल्प से मध्यम अवधि में बाजार की दिशा सितम्बर तिमाही के कार्यपरिणाम से तय होगी(राष्ट्रीय सहारा,दिल्ली,11.10.2010 में मुंबई से ख़बर)।

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