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11 अक्टूबर 2010

पंजाब विश्वविद्यालयःऑनलाइन होंगे सभी दाखिले। रीजनल सेंटर के प्राध्यापकों पर पंजाबी की शर्त।गेस्ट फेकल्टी को मिलेंगे हज़ार रुपये प्रति पीरियड

पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट की बैठक आज कालेजों से जुड़े कुछ मुद्दों पर थोड़ी-बहुत गरमागर्मी को छोड़कर एकदम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। पीयू के गोल्डन जुबली हाल में हुई सीनेट की पहली मीटिंग में सुबह थोड़े तनावग्रस्त दिख रहे कुलपति प्रो. आरसी सोबती दिन चढऩे के साथ ही ‘रिलेक्स’ होते गये क्योंकि आज की बैठक में उन्होंने बड़ी ही चतुराई से सबसे पहले एजेंडा पास कराने का प्रस्ताव रखा। कुछ प्राध्यापकों सीनेटरों ने अपने हितों से जुड़े कुछ मामलों पर हस्तक्षेप ज़रूर किया जबकि ज्यादातर ‘फेलो’ थोड़ी-सी ना-नुकुर के बाद चेयर की हां में हां मिलाते गये।

सीनेट में बाद दोपहर उस समय थोड़ा हंगामा हुआ जब पीयू के 65 कालेजों की फाइलें रोके जाने का मामला लाया गया। पीयू प्रशासन ने कालेजों में ढांचागत सुविधाएं न होने, लेबोरेटरी में पर्याप्त उपकरण व सुविधाएं, पार्ट टाइम लेक्चररों को एक तय वेतन (25600 रुपये) न दिये जाने के कुछ आब्जेक्शन लगा रखे थे। इसके अतिरिक्त भी इन कालेजों ने कुछ अन्य औपचारिकताएं पूरी नहीं की थीं।

एक चेतावनी व कुछ समय देने पर 60 कालेजों ने तो ये न्यूनताएं दूर कर लीं जबकि पांच कालेजों की फाइलें अभी भी शर्तें व औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण रुकी हुई हैं। इसी मुद्दे पर कालेज के प्रिंसिपल भिड़ गये। कुछ देर बहस होने के बाद इस बात पर रजामंदी हुई कि कालेजों में पड़े 1400 खाली पदों को भरने के लिए सीनेट प्रस्ताव पारित कर पंजाब सरकार पर इन्हें भरने का दबाव बनाये।

उधर, एसोसिएट डीन कालेज डेवलपमेंट कौंसिल केशव मल्होत्रा के मुद्दे पर बैठक में हंगामे के आसार थे, मगर जांच कमेटी (सदानंद-सिब्बल कमेटी) को कोई भी ऐसा ठोस आरोप नहीं जंचा जिससे प्रो. केशव मल्होत्रा के खिलाफ कोई मामला बनता हो। एक तरफ केशव मल्होत्रा के बचाव को फेलो अशोक गोयल मुश्कें तानें थे तो दूसरी ओर यूबीएस के प्रो. मनोज शर्मा द्वारा कथित तौर पर फर्जी पेपर व गलत आंकड़े दिये जाने के मामले पर गोयल गुट चुप्पी साधे रहा। दो विरोधी धड़े परस्पर एक-दूसरे के मामलों पर कतई नहीं भिड़े। शुरू में अशोक गोयल ने कुछ मामलों पर कुलपति को घेरने का प्रयास जरूर किया मगर बाद में वे लगगभ चुप से ही रहे।

बैठक के दो घंटे बाद फेलो डा. गुरमीत सिंह ने छात्रों के मुद्दे उठाते हुए कहा कि एसी बाली और केके ग्रोवर स्कालरशिप की राशि बरसों से 150 रुपये चली आ रही है जिसे पिछली सीनेट में भी बढ़ाने का वादा किया गया था मगर उसमें कोई इजाफा नहीं हुआ। सदन ने एकमत से यह प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के लिए क्रमश: पांच, तीन व दो हज़ार रुपये कर दी। यह छात्रवृत्ति तीन भाषाओं में दी जाती है जो कुल 18 छात्रवृत्तियां बनती है। इसी तरह डा. गुरमीत सिंह ने नियमित तौर पर डिप्लोमा कोर्स कर रहे सैकड़ों छात्रों को नियमित छात्रों की तरह हास्टल सुविधा और छात्र संघ के लिए मताधिकार दिय जाने की वकालत की जिस पर कुलपति ने विचार का भरोसा दिलाया।

सीनेट में थोड़ा शोरगुल तब भी हुआ जब कुलपति ने उन छात्रों पर 500 रुपये जुर्माना लगाने की तजवीज की जो तथ्य छिपाते हैं और जिस कारण विश्वविद्यालय को अधूरे फार्म व अपूर्ण जानकारी के चलते परेशानी का सामना करना पड़ता है। कालेज चाहते थे कि इसे गलती होने की स्थिति में न लगाया जाये, बल्कि अगर कोई भ्रामक जानकारी या जानबूझकर तथ्य छुपाता है उस पर इससे ज्यादा जुर्माना लगाया जा सकता है। इसी तरह कुलपति ने कालेजों को बीए स्तर की प्रथम व द्वितीय वर्ष की कक्षाओं की परीक्षा का जिम्मा लेने को कहा और कहा कि पीयू पेपर सेट करायेगी, मूल्यांकन के पैसे भी देगी, इसलिए कालेज अंक चढ़ाकर पीयू को लिस्टें भेजें जबकि फाइनल की परीक्षा पीयू खुद संचालित करेगा। उन्होंने (कुलपति) ऐसा करने के लिए एमएचआरडी और यूजीसी की हिदायतों का हवाला दिया।

फेलो धीरेंद्र तायल ने जब दीक्षांत समारोह में पहने जाने वाले गाउन का विरोध किया तो इस पर फेलो गुरमीत व अन्य ने विरोध किया। इस मामले पर कोई सहमति नहीं बन पायी। इसके अतिरिक्त कुलपति ने कहा कि कैस (करिअर एडवांसमेंट स्कीम) के तहत 14 जुलाई, 2010 तक आ चुके सभी मामलों को पदोन्नति के लिए विचारार्थ रखा जायेगा, बेशर्ते वे पेपर आदि शर्तें पूरी कर दें। किसी भी प्रोफेसर को दोबारा इंटरव्यू नहीं देना पड़ेगा। एक अन्य फैसले में कुलपति ने कहा कि अब सभी दाखिले ऑनलाइन ही होंगे। उन्होंने पार्ट टाइम/गेस्ट फेकल्टी को एक हज़ार रुपये प्रति पीरियड देने की भी बात कही। साथ ही अब पीयू के किसी भी रीजनल सेंटर पर नियुक्त होने वाले प्राध्यापक को दो साल के भीतर 10वीं के स्तर की पंजाबी परीक्षा पास करनी होगी। इससे पहले कुलपति ने नये फेलो प्रो. रौनकी राम, जसपाल कौर कंग का सदन में स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। उन्होंने सदन को बताया कि पीयू प्रो. सीएनए राव, खुशवंत सिंह, सोमनाथ चटर्जी और डा. फैन को मानद उपाधियों से सम्मानित करने जा रहा है(डॉ. जोगिन्द्र सिंह,दैनिक ट्रिब्यून,चंडीगढ़,11.10.2010)

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