अब शिक्षक ही नहीं माता-पिता भी अपने बच्चों के कोर्स और कार्य आवंटन का निर्धारण कर सकेंगे। सीबीएसई ने देशभर के सभी स्कूलों से कहा है कि वे कोर्स, प्रोजेक्ट इत्यादि के बारे में माता-पिता या अभिभावक की सलाह जरूर लें। इतना ही नहीं सीबीएसई ने कहा है कि अगर कोई स्कूल कोर्स में कोई बदलाव कर रहा है तो उसमें भी माता-पिता की सलाह लेनी होगी। बोर्ड के अनुसार अभिभावकों को पढ़ाई और छात्रों से जुड़ी सभी जानकारी देना अनिवार्य है। सीबीएसई चाहता है कि सतत समग्र मूल्यांकन में माता-पिता की भूमिका बढ़े।
सीबीएसई के चेयरमैन विनीत जोशी ने कहा है कि माता-पिता और छात्रों को कोर्स सामग्री, सर्कुलर और सभी प्रकार के नियमावली से अवगत कराया जाए। साथ ही सीसीई और फॉर्मेटिव परीक्षाओं के कार्य आवंटन की जानकारी भी दी जाए। बोर्ड का मानना है कि अभिभावक बच्चे को अच्छी तरह समझते है और बेहतर राय देने में सक्षम हैं। ऐसे में उनसे सलाह मशविरा जरूर करना चाहिए। सीबीएसई ने स्कूलों से कहा है कि सीसीई को अपनी वार्षिक पत्रिका में भी इस बात को जगह देने की कोशिश करे। अभिभावकों को सीसीई के बारे में अवगत कराने के लिए स्कूलों को अपनी डायरी में भी इसके बारे में लिखना चाहिए(दैनिक जागरण,दिल्ली,17.10.2010)।
अच्छी रचना !
जवाब देंहटाएंविजयादशमी की बहुत बहुत बधाई !!