हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत जूनियर अस्सिटेंट को दिवाली से पहले पदोन्नति का तोहफा मिल सकता है। शिक्षा विभाग ने इन पदों पर कार्यरत लगभग 200 जूनियर अस्सिटेंट को पदोन्नति देने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए तमाम औपचरिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने हाल ही में सीनियर अस्सिटेंट को पदोन्नत कर सुपरिंटेंडेंट बनाया था जिनके कारण स्कूलों में सीनियर अस्सिटेंट के पद रिक्त हो गए हैं। इसके अलावा सीनियर अस्सिटेंट के कुछ भी पद पहले भी खाली चल रहे थे। जहां तक प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत जूनियर अस्सिटेंट की बात है तो वह पिछले कई सालों से पदोन्नति का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं।
पूर्व सरकार के कार्यकाल में भी इनकी पदोन्नतियां रुकी रही थीं। सरकार ने जूनियर अस्सिटेंट से सीनियर अस्सिटेंट के लिए जो नियम निर्धारित किए हैं उनको पहले कई जूनियर अस्सिटेंट पूरा नहीं कर पाए थे। जिसकी वजह से उन्हें पदोन्नतियों से महरूम रहना पड़ा था।
अधिकतर जूनियर अस्सिटेंट की एसीआर उच्च शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध हो गई हैं। कोई भी कर्मचारी पदोन्नति के लाभ से वंचित न रहे इसके लिए सारी औपचारिकताओं को पूरा करने में कुछ समय लग रहा है। इस वर्ग को पदोन्नतियां मिल जाने के बाद स्कूलों में सीनियर अस्सिटेंट के चल रही कमी भी पूरी हो जाएगी। इन पदों के खाली होने से स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यो के लिए ड्यूटी करनी पड़ती थी।
पदोन्नति में लग सकते हैं 15 दिन
उच्च शिक्षा निदेशक ओपी शर्मा का मानना है कि जिन भी जूनियर अस्सिटेंट की सेवा शर्ते पूरी हो रही है उन सभी को पदोन्नति का लाभ दे दिया जाएगा। उनका कहना है कि अगले पंद्रह दिन तक इस वर्ग को पदोन्नतियां दिए जाने की संभावना है। पदोन्नतियों से स्कूलों में सीनियर अस्सिटेंट की कमी भी पूरी हो जाएगी।
जूनियर लेक्चरर अस्सिटेंट को भी
कॉलेजों में कार्यरत जूनियर लेक्चरर अस्सिटेंट को भी पदोन्नति देने की तैयारी चल रही है। इन्हें पदोन्नत कर सीनियर लेक्चरर अस्सिटेंट बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से इस वर्ग की पदोन्नतियों के लिए दो से तीन हफ्ते का समय लग सकता है(दैनिक भास्कर,शिमला,11.10.2010)।
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