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11 अक्टूबर 2010

छत्तीसगढ़ःभ्रष्ट कर्मचारियों को तुरंत बर्खास्त करने के आदेश

छत्तीसगढ़ सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत से दंडित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है। उसने विभाग प्रमुखों से कहा है कि दोषी कर्मचारियों को तुरंत पदच्युत करें।सामान्य प्रशासन विभाग ने स्कूल शिक्षा विभाग के एक केस का संज्ञान लिया है।

डाइट प्रिंसिपल आरएन वर्मा को एक शिक्षक से रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा रंगे हाथों पकड़ने के बाद हाईकोर्ट से सजा हो गई। फिर भी विभाग ने उन्हें बहाल कर महत्वपूर्ण पद पर पोसिटग कर दो साल तक कोई कार्रवाई नहीं की। एसीबी के तीन पत्रों को भी रद्दी में डाल दिया। उल्लेखनीय है कि भास्कर ने इस खबर को प्रमुखता से 16 जुलाई को प्रकाशित किया था।

जीएडी ने इस मामले में शिक्षा विभाग को आड़े हाथों लेते हुए पत्र की कापी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, हाईकोर्ट, एजी सहित हर संबंधित को भेजी है। संयुक्त सचिव के.आर. मिश्रा द्वारा विभाग प्रमुखों को जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि शिक्षा विभाग ने दोषी कर्मचारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बजाए उसे उपकृत किया।

इससे न सिर्फ कोर्ट बल्कि शासन के नियमों का उल्लंघन परिलक्षित होता है. कोर्ट से दोषी पाए जाने से कर्मचारी के नैतिक पतन का आभास होता है तो उसे तुरंत पदच्युत करना चाहिए(दैनिक भास्कर,रायपुर,11.10.2010)।

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