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11 अक्टूबर 2010

डीयू के कुलपति पद के लिए चार नामों पर विचार

यदि सबकुछ ठीक ठाक रहा तो कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय को अपना नया कुलपति मिल जाएगा। नए कुलपति के लिए चार नामों को शार्टलिस्ट किया गया है और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने किसी एक का नाम तय करने के लिए लिस्ट को डीयू के विजिटर के पास भेज दिया है। विजिटर के किसी एक के नाम पर मुहर लगाते ही नए कुलपति की नियुक्ति कर दी जाएगी। गौरतलब है कि वर्तमान में कुलपति के पद पर तैनात प्रो. दीपक पेंटल का कार्यकाल खत्म हो चुका है। लेकिन वह विश्वविद्यालय अध्यादेश के नियम 11 एफ के तहत कुलपति बने हुए है। गौरतलब है कि नए कुलपति के चयन के लिए जून में तीन सदस्यीय सर्च कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में डीयू कार्यकारी परिषद की ओर से प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर आर चिदम्बरम, पूर्व केन्द्रीय मंत्री व जेएनयू के पूर्व कुलपति वाईके अलग शामिल थे, जबकि विजिटर के प्रतिनिधि के तौर पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश वीएन खरे को शामिल किया गया था। कमेटी ने कुलपति पद के लिए चार नामों को शार्टलिस्ट कर मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज दिया था। और अब मंत्रालय ने इसे विजिटर के पास भेज दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस लिस्ट में डीयू के कार्यवाहक समकुलपति प्रो. दिनेश सिंह, हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति सैय्यद हसनैन, लेडी श्रीराम कॉलेज की प्राचार्य मिनाक्षी गोपीनाथन व जेएनयू के सेंटर फॉर इंटरनेशनल लीगल स्टडीज के प्रो. बीएस चिमनी के नाम है। माना जा रहा है कि डीयू से ही किसी को नया कुलपति बनाया जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह डीयू में सेमेस्टर सिस्टम के खिलाफ शिक्षकों के विरोध को माना जा रहा है। मालूम हो कि डीयू में 13 साइंस कोर्सेज में इस साल से सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया है(राष्ट्रीय सहारा,दिल्ली,11.10.2010)।

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