केन्द्रीय विद्यालय के संस्कृत शिक्षकों को जर्मन भाषा सीखने के लिए मैक्समूलर भवन में प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी की जा रही है। सब कुछ ठीक रहा तो इन शिक्षकों को अधिकारियों के साथ जर्मनी में जाकर विशेष ट्रेनिंग हासिल करने का भी मौका मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, बोर्ड ऑफ गर्वनर की नवम्बर में प्रस्तावित बैठक में इस प्रस्ताव पर आधिकारिक मंजूरी की मोहर लगने जा रही है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने अपनी एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यह प्रस्ताव रखा है कि संस्कृत के शिक्षकों को जर्मन भाषा सिखाने के लिए तैयार किया जाए।
कुछ केन्द्रीय विद्यालयों में इसी सत्र से जर्मन भाषा का अध्ययन शुरू भी हो चुका है। इसके लिए कुछ स्थायी शिक्षक व कुछ शिक्षक अनुबंध के आधार पर रखे गए हैं। अब चूंकि जल्द अन्य विद्यालयों में भी जर्मन भाषा की पढ़ाई शुरू होनी है, इसी को देखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। जर्मन भाषा में अधिकारियों को भी अपडेट करने के लिए १क् अधिकारियों को जर्मनी भेजा जा रहा है।
इसके बाद कुछ शिक्षकों को भी भाषा से जुड़ी बारीकियों का ज्ञान पाने के लिए जर्मनी भेजा जाएगा। संगठन की बोर्ड ऑफ गर्वनर की बैठक मे इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने की प्रबल सम्भावना है और मंजूरी के बाद इस दिशा में संस्कृत-जर्मन भाषा के एक्सपर्ट्स तैयार किए जाएंगे(दैनिक भास्कर,दिल्ली,9.10.2010)।
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