राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम में विभिन्न श्रेणी के 793 पदों के लिए करीब आठ महीने पहले निकली भर्ती तो पूरी हुई ही नहीं कि रोडवेज ने फिर 791 पदों के लिए भर्ती निकाल दी है। ऎसे में पहले आवेदन करने वाले करीब दो लाख बेरोजगार उलझन में पड़ गए हैं। अभ्यर्थी मुश्किल में है कि नई भर्ती के लिए आवेदन करें या नहीं। इस बारे में उन्हें रोडवेज की वेबसाइट पर भी कोई सूचना नहीं मिल रही। रोडवेज ने गत मार्च में पहली बार भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। इनका निस्तारण अभी नहीं हो पाया है। इसी बीच गत सितम्बर में भी 791 पदों की भर्ती निकाल दी गई।
शर्त ने भी उलझाया
सितम्बर में निकली भर्ती के नियम संख्या 19 में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को दुबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है, बशर्ते उनका आवेदन निरस्त नहीं हुआ हो। लेकिन अभ्यर्थियों को अभी तक सूचित नहीं किया गया है कि उनका आवेदन सही पाया गया है या नहीं। कारण कि मार्च में भरे गए आवेदनों की जांच भी अभी पूरी नहीं हुई है।
रोडवेज की जेब गर्म
रोडवेज ने मार्च में मांगे गए आवेदनों के साथ सामान्य और ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों से तीन-तीन सौ रूपए तथा अजा-जजा के अभ्यर्थियों से भर्ती शुल्क के रूप में 75-75 रूपए के पोस्टल ऑर्डर लिए थे। करीब दो लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। इस हिसाब से रोडवेज को करोड़ों की आय हो गई। लेकिन अभ्यर्थी अब फिर नए सिरे से आवेदन भी करते हैं तो इन्हें औसतन पांच सौ रूपए और खर्च करने पड़ेंगे। इसमें भी डर यह है कि दुबारा आवेदन पर कहीं दोनों फार्म निरस्त नहीं हो जाए।
शंका है तो फिर फार्म भर दो
'दोनों भर्तियों अलग-अलग है। इन्हें एक साथ भरा जाएगा। यदि किसी अभ्यर्थी को शंका है कि मार्च में भरा आवेदन गलत हो सकता है तो वह इस भर्ती के लिए भी फार्म भर दे। उसे पोस्टल ऑर्डर का खर्च जरूर उठाना पड़ेगा।'
-महावीर प्रसाद दाधीच, मुख्य प्रबंधक जोधपुर डिपो(राजस्थान पत्रिका,जोधपुर,17.10.2010)
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