पंचायती राज प्रणाली से निकल कर शिक्षा विभाग में शामिल होने की प्रमुख मांग को लेकर कल चंडीगढ़ में सेक्टर 25 में पंजाब भर से पहुंचे ईटीटी अध्यापकों और उनके अभिभावकों ने पंजाब सरकार के विरुद्ध जमकर रोष प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग न मानी गई तो वे आगामी चुनावों में सत्तारूढ़ दल के लिए बेहद महंगे साबित होंगे। करीब दो घंटे जारी रही रोष रैली के उपरांत इन्होंने बाद दोहपर पंजाब विधानसभा की तरफ रोष मार्च के लिए कूच किया। मगर साथ लगाए नाके पर भारी पुलिस बल ने उनको रोक लिया, जहां मुख्यमंत्री के ओएसडी संघा ने इनके मांगपत्र ले लिया। इस अवसर पर ईटीटी अध्यापकों के समर्थन पर भारतीय किसान यूनियन व मजदूर व कर्मचारी संगठनों के नेता भी पहुंचे हुए थे। ईटीटी अध्यापक यूनियन के अध्यक्ष जसविंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि मांग पत्र के साथ पंचायती राज प्रणाली के अधीन पंजाब के कुल 5752 स्कूलों में से 5160 पंचायतों ने यह स्कूल पंचायती राज प्रणाली से निकाल कर शिक्षा विभाग हवाले करने के प्रस्ताव भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने उनके साथ किया वादा पूरा नहीं किया। पंथक सरकार होने का दावा करने वाली बादल सरकार के इस कथित झूठ की सीडी आगामी दस अक्टूबर को श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिबान को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग मंजूर नहीं होगी तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इसी कड़ी आगामी 13 नवंबर को मोगा में सरकारी स्कूल बचाओ रैली की जाएगी(दैनिक जागरण,चंडीगढ़,1.10.2010)।
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