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01 अक्टूबर 2010

आरक्षण पर गुटों में बंटे जाट संगठन

केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर जाट संगठन गुटों में बंट गए हैं। आरक्षण के लिए जाट संगठन अपने-अपने तरीके से रणनीति बना रहे हैं। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने दिल्ली घेराव टालने अथवा नहीं टालने का फैसला लेने को शुक्रवार को जींद में बैठक बुलाई है। अखिल भारतीय जाट महासभा ने एसडीएम कार्यालयों पर भूख हड़ताल रखते हुए दिल्ली जाने वाले रास्ते जाम नहीं करने की बात कहते हुए आरक्षण को लेकर 31 अक्टूबर को जींद में जाट एकता महारैली करने का ऐलान कर दिया है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का नेतृत्व यशपाल मलिक कर रहे हैं। संघर्ष समिति ने कुछ दिन पहले ऐलान किया था कि आरक्षण के लिए तीन अक्टूबर को राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली में दूध, पानी और सब्जियों की सप्लाई बंद की जाएगी। जाट नेताओं की इस घोषणा के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने जाट समुदाय को बहादुर कौम बताते हुए उनसे आंदोलन वापस लेने का अनुरोध किया है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के महासचिव डा. ओमप्रकाश धनखड़ का कहना है कि जनार्दन द्विवेदी के अनुरोध के मद्देनजर एक अक्टूबर को जींद की जाट धर्मशाला में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में तय किया जाएगा कि सरकार के प्रतिनिधियों के अनुरोध को स्वीकार किया जाए अथवा नहीं। उन्होंने कहा कि संघर्ष समिति जाट आरक्षण के मसले पर स्पष्ट है तथा इसे लेकर रहेगी। धनखड़ का कहना है कि 3 अक्टूबर को दिल्ली में खाद्य वस्तुओं की सप्लाई बंद करने अथवा नहीं करने का फैसला राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया जाएगा। इस बैठक में आगे के आंदोलन की रणनीति पर भी विचार होगा। दूसरी तरफ अखिल भारतीय जाट महासभा के अध्यक्ष ओमप्रकाश मान का कहना है कि बृहस्पतिवार को एसडीएम कार्यालयों पर भूख हड़ताल रखकर आरक्षण की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि आरक्षण के मसले पर 31 अक्टूबर को जींद के हुडा ग्राउंड में जाट एकता महारैली का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रधान कर्नल ओमप्रकाश संधू ने भी आरक्षण के मसले पर संघर्ष जारी रखने की बात कही है।(दैनिक जागरण,चंडीगढ़,1.10.2010)।

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