हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत पढ़ाई की जगह कुछ समय परिसरों की सफाई के लिए भी दिया जाएगा। सरकार के शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों के मुख्याध्यापक और प्रिंसिपल को यह निर्देश जारी कर दिए हैं कि मॉर्निग असेंबली के बाद छात्रों को प्रतिदिन लगभग 30 मिनट का समय कैंपस की सफाई करनी होगी।
इस समय की भरपाई करने के लिए हरेक पीरियड से तीन मिनट का समय कम किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधान सचिव शिक्षा की ओर से जारी किए गए इन आदेशों को सभी स्कूलों मंे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं और लापरवाही बरतने वाले स्कूलों के मुखिया के खिलाफ कारवाई किए जाने का प्रावधान भी किया गया है।
मॉर्निग असेंबली के बाद स्कूलों में कार्यरत शारीरिक शिक्षक छात्रों के साथ जाकर कैंपस व आस पास के स्थानों की सफाई करेंगे। इस व्यवस्था में छात्रों में प्रतिस्र्पधा बने इसके लिए अलग अलग ग्रुप बनाने के निर्देश दिए हैं। इन ग्रुपों का संरक्षक संबधित कक्षाओं के शिक्षक रहेंगे ।
इसके साथ प्रत्येक स्कूल में हर तीन महीने बाद संपूर्ण स्वच्छता दिवस का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय रहने वाले हाउस को इनाम दिए जाएंगे। पूरा साल में प्रथम रहने वाले स्कूल की संस्तुति जिला के शिक्षा उपनिदेशकों के माध्यम से संबधित शिक्षा निदेशक को भेजी जाएगी।
विभिन्न जिलों का तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद प्रथम रहने वाले स्कूल को राज्यस्तरीय पुरस्कार से चयनित किया जाएगा। हर साल 15 अगस्त को इस स्कूल को मुख्यमंत्री की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। जिला शिक्षा उपनिदेशकों को पहले साल में प्रत्येक जिले से केवल एक ही स्कूल की संस्तुति भेजने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री आईडी धीमान का मानना है कि स्कूलांे मंे सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए इस तरह के निर्देश जारी किए गए हैं।
शिक्षक सम्मान पुरस्कार के लिए मिलेंगे पांच अंक
शिक्षा विभाग ने संपूर्ण स्वच्छता अभियान में प्रथम रहने वाले ग्रुप से संबधित शिक्षक को राज्यस्तरीय और राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार में प्राथमिकता देने का भी फैसला लिया है। इसके लिए शिक्षक को पांच अंक देने का प्रावधान किया गया है।
स्कूल प्रबंधन समितियों को भी जिम्मेदारी
इस अभियान को कड़ाई से लागू करने के लिए स्कूल प्रबंधन समितियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। अगर किसी स्कूल का मुखिया इस अभियान को लागू करने में कोताही बरत रहा है तो समिति इसकी शिकायत संबधित जिला के शिक्षा उपनिदेशक को कर सकती है(मुनीष बन्याल,दैनिक भास्कर,शिमला,9.10.2010)।
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