इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में मंडलों और जिलों में गठित क्षेत्रीय बोर्ड के अनुमोदन से किये गये तबादलों को अवैध करार देते हुए रद कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि क्षेत्रीय बोर्ड को पुलिस तबादलों का अनुमोदन करने का अधिकार नहीं है। प्रदेश सरकार के 12 मार्च 2008 के शासनादेश से गठित पुलिस स्थापना बोर्ड के अनुमोदन से तबादले ही मान्य माने जाएंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता ने सिपाही संजय कुमार त्रिपाठी और अन्य की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए दिया है। याचिका पर बहस अधिवक्ता विजय गौतम ने की। मामले में क्षेत्रीय बोर्ड के अनुमोदन से कई कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, दरोगा और इंस्पेक्टरों के तबादले एक से दूसरे जिले में किये गए थे। न्यायालय ने इन तबादलों को रद करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह केस में दिये गये फैसले के अनुपालन में राज्य सरकार ने पुलिस स्थापना बोर्ड का गठन करते हुए बोर्ड के अनुमोदन से ही तबादले किये जाने की व्यवस्था दी है। ऐसे में क्षेत्रीय बोर्ड के अनुमोदन से किए गए तबादले मान्य नहीं हैं(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,9.10.2010)।
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