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02 अक्टूबर 2010

पेंशन का बेहतरीन जरिया है एनपीएस

बीस हजार रुपये पेंशन के लिए कितना करें निवेश
न्यू पेंशन स्कीम यानी एनपीएस को मई 2009 से आम लोगों के लिए भी खोला जा चुका है। सरकार इसमें निवेश के लिए काफी प्रोत्साहन भी दे रही है और नए डायरेक्ट टैक्स कोड में इसमें निवेश पर टैैक्स छूट का भी प्रावधान रखा गया है। 30 साल का कोई भी व्यक्ति इसमें 1,370 रुपये मासिक निवेश कर 60 साल की उम्र के बाद 20 हजार रुपये प्रति माह पेंशन पा सकता है।

सेवानिवृत्ति कोष बनाने के नजरिये से एनपीएस एक बेहतर जरिया है। शुरुआत में यह केवल केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए ही उपलब्ध था, लेकिन 1 मई 2009 से एनपीएस की सुविधा आम लोगों को भी उपलब्ध कराई जाने लगी। हाल ही में नई पेंशन प्रणाली (एनपीएस) की रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी नेशनल सिक्योरिटी डिपोजिटरी (एनएसडीएल) ने सालाना रख-रखाव खर्च में 70 रुपये की कमी की है। एनपीएस के ग्राहकों को अब सालाना अकाउंट मेंटिनेंस के लिए 350 रुपये की जगह 270 रुपये ही देना होगा। एनएसडीएल ने ग्राहकों की संख्या 10 लाख से अधिक होने के बाद यह निर्णय लिया है।

निश्चित आय का अच्छा जरिया
जयपुर स्थित आर्क फाइनैंशियल प्लानर के सीईओ और सर्टिफायड फाइनेंशियल प्लानर हेमंत बेनीवाल ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद नियमित आय के लिए कोष बनाने का एक बेहतर जरिया है एनपीएस। हालांकि, एनपीएस के विभिन्न फंडों के तहत रिटर्न बेहतर भी मिल सकते हैं लेकिन अगर सालाना 10 प्रतिशत के औसत रिटर्न (इक्विटी और डेट को मिलाकर) के आधार पर गणना करें तो सेवानिवृत्ति के 20 साल बाद तक और जब तक एन्युईटी खरीदने वाला जीवित रहता है तब तक प्रति माह 20,000 रुपये के पेंशन के लिए 28.50 लाख रुपये संचित करने की जरूरत होगी। इसी राशि से एन्युईटी (भारतीय जीवन बीमा निगम का जीवन अक्षय-6) खरीदी जाएगी। इस हिसाब से 30 साल के व्यक्ति को प्रति माह 1,370.66 रुपये, 40 वर्षीय व्यक्ति को 3,936.54 रुपये और 50 वर्षीय व्यक्ति को 14,146.90 रुपये एनपीएस में जमा कराना चाहिए (यहां सालाना रिटर्न 10 फीसदी का माना गया है)।

खाते से निकाल भी सकते हैं राशि
एनपीएस के तहत दो तरह के खाते खुलवाए जा सकते हैं। टियर-1 अकाउंट एनपीएस का मूलभूत अकाउंट होता है और परिपक्वता के बीच में इससे पैसे नहीं निकाले जा सकते हैं। बेनीवाल के अनुसार, सेवानिवृत्ति के समय एनपीएस कोष की 40 प्रतिशत राशि से एन्युईटी की खरीदारी अनिवार्य होती है। खाताधारक शेष 60 प्रतिशत राशि किस्तों में या एकमुश्त हासिल कर सकता है। टियर-2 अकाउंट वही लोग खुलवा सकते हैं जिनका एनपीएस के तहत टियर-1 खाता है। इसकी खासियत यह है कि प्रत्येक वित्त वर्ष में एक न्यूनतम राशि खाते में बरकरार रखते हुए खाताधारक अपनी सुविधा से निकासी भी कर सकता है।

ज्यादा रिटर्न का विकल्प भी
11 सितंबर 2010 तक एनपीएस के तहत पंजीकृत खाताधारकों की संख्या 10.69 लाख थी जिसमें 6.61 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारी, राज्य सरकार के 3.82 लाख कर्मचारी और 11,000 से अधिक आम नागरिक शामिल थे। एनपीएस के तहत निवेश के तीन विकल्प उपलब्ध हैं- इक्विटी (ई), कॉरपोरेट बॉन्ड (सी) और सरकारी प्रतिभूतियां (जी)। पिछले 13 महीने (जून 2010 को समाप्त हुए) में एनपीएस के इक्विटी विकल्प के तहत लगभग 19 प्रतिशत, कॉरपोरेट बॉन्ड के तहत 9.9 प्रतिशत और सरकारी प्रतिभूति विकल्प के तहत 6.75 फीसदी का रिटर्न मिला है। इक्विटी विकल्प के तहत अधिकतम 50 प्रतिशत फंड का निवेश किया जा सकता है, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यह सीमा 15 प्रतिशत की है(मनीष कुमार मिश्र,दैनिक भास्कर,2.10.2010)।

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