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09 अक्टूबर 2010

उत्तराखंडःडीएवी के शिक्षकों ने बढ़ाया देश का गौरव

राजनीति और विवादों के लिए हमेशा चर्चाओं में रहने वाले राज्य के सबसे बड़े महाविद्यालय डीएवी पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ाया है। सितंबर माह में मॉरीशस, आस्टि्रया व आस्ट्रेलिया में आयोजित इंटरनेशनल सेमिनारों में कॉलेज के तीन शिक्षकों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इनमें रसायन विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रशांत सिंह, प्राणी विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुनील कुमार व भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश प्रताप शामिल हैं। मॉरीशस में 15 से 18 सितंबर के बीच आयोजित अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण शोध सम्मेलन में डॉ. सुनील कुमार ने हिमालय पर्वतीय क्षेत्र में अल्ट्रा वायलेट किरणों के जलीय जीवों पर पड़ने वाले प्रभावों पर अपना शोध प्रस्तुत किया। इस सम्मेलन में दुनिया भर के 42 देशों के 500 से ज्यादा विशेषज्ञों ने शिरकत की। इसी कड़ी में यूरोप के देश आस्टि्रया में 22 से 24 सितंबर के बीच आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस कान्साइल-2010 में डॉ. प्रशांत सिंह ने जल, भूमि व वायु प्रबंधन पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस मौके पर डॉ. सिंह ने बायो मॉनिटरिंग ऑफ ड्रिंकिंग वाटर इन उत्तराखंड पर अपना शोध पत्र भी पढ़ा। उन्होंने यह शोध भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विभाग की परियोजना वाटर टेक्नोलॉजी एनिशिएटिव के तहत किया है। इसी कड़ी में आस्ट्रेलिया में 26 से 30 सितंबर के मध्य आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैश्विक परिवर्तन व विश्व के पर्वत विषय पर डॉ. दिनेश प्रताप ने शोध पत्र प्रस्तुत किया(दैनिक जागरण,देहरादून,9.10.2010)।

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