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10 अक्टूबर 2010

उत्तराखंडःसंविदा कर्मियों की सेवाएं लटकीं

प्रशिक्षण सेवायोजन विभाग को अलग करने का शासनादेश भले ही न हुआ हो। मगर शासन ने इस विभाग में कुछ दिन के लिए दो निदेशक तैनात करके भ्रम की स्थिति जरूर पैदा कर दी। जिसका दुष्परिणाम कर्मचारी-अधिकारी झेल रहे हैं। निदेशक प्रशिक्षण के रूप में तो ऊधमसिंहनगर के जिलाधिकारी कार्य देख रहे हैं, मगर सेवायोजन के निदेशक पद से एनके जोशी के हटने के बाद नई तैनाती नहीं हुई है। इससे सेवायोजन अनुभाग से जुड़े सभी कार्य डंप पड़े हैं।

अभी तक तो प्रशिक्षण सेवायोजन एक ही विभाग था। मगर कुछ समय से दोनों अनुभागों को अलग कर दिया गया। हालांकि इस फैसले पर अभी सरकार की मुहर नहीं है। बावजूद एक उच्चाधिकारी ने दोनों अनुभागों का अलग-अलग निदेशक भी बना दिया। निदेशक प्रशिक्षण के पद पर ऊधमसिंहनगर के जिलाधिकारी बीबीआर पुरुषोत्तम तो अभी भी अतिरिक्त कार्य देख रहे हैं, मगर सेवायोजन अनुभाग के निदेशक पद से हटे एनके जोशी के स्थान पर अभी तक कोई नई तैनाती नहीं की गई है। करीब ढाई माह से रिक्त चल रहे उक्त पद पर नई तैनाती न होने से छुंिट्टयां नहीं मिल रही हैं तो पीएफ का पैसा तक नहीं निकल पा रहा है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या सौ से अधिक संविदा कर्मियों की है, जिनका अनुबंध समाप्त होने को है। ऐसे में इनकी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा या फिर नए सिरे से नियुक्ति होगी? इसको लेकर उहापोह बना हुआ है। नियमित कर्मचारी इसलिए परेशान हैं कि संविदा वाले हटे तो काम का बोझ और बढ़ जायेगा(दैनिक जागरण संवाददाता,हल्द्वानी,10.10.2010)।

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