भारतीय थल सेना विश्व की बड़ी सेनाओं में से एक है। देश की सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी के अलावा कानून व्यवस्था कायम रखने, आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और बाढ़, भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी सेना की मदद ली जाती है। युवाओं को सेना की नौकरी काफी लुभाती है। भारतीय थल सेना में कई तरह के जॉब उपलब्ध हैं, जिन्हें कॉम्बैट आर्म्स और सर्विसेज के रूप में बांटा जाता है। आर्मी में जॉब पाने के दो रास्ते हैं- परमानेंट कमीशन और शॉर्ट सर्विस कमीशन।
परमानेंट कमीशन
परमानेंट जॉब के लिए नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए), पुणे या इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए), देहरादून से होकर गुजरना होता है। 11वीं पास करने के बाद ही आप (उम्र - साढ़े 16 से 19 वर्ष के बीच) यूपीएससी द्वारा आयोजित एनडीए एग्जाम दे सकते हैं। यह परीक्षा साल में दो बार होती है। परमानेंट कमीशन के लिए इंडियन मिलिट्री एकेडमी, देहरादून दूसरा रास्ता है। इसमें प्रवेश के लिए कम से कम ग्रेजुएट होना (उम्र 19 से 24 वर्ष) जरूरी है। इसके लिए कम्बाइंड डिफेंस सर्विसेज एक्जामिनेशन (सीडीएस) क्लियर करना होगा। यह परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है। इसके अलावा आप 12वीं के बाद 10+2 टेक्निकल एंट्री के माध्यम से भी यहां पहुंच सकते हैं। यूनिवर्सिटी एंट्री स्कीम उन लोगों के लिए है जो इंजीनियरिंग के प्री-फाइनल/ फाइनल ईयर में हैं। बीई/बीटेक करने के बाद आईएमए में टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स भी ज्वॉइन किया जा सकता है। टीजीसी एजुकेशन में भी मौके मिलते हैं, जिसके लिए योग्यता किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से फर्स्ट या सेकेंड डिवीजन में एमए/एमएससी है। मेडिकल के छात्र परमानेंट कमीशन के तहत आर्मी को अपनी सेवाएं दे सकते हैं। आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज, पुणे के मेडिकल और नर्सिंग के छात्रों की सीधी नियुक्ति सेना में होती है।
शॉर्ट सर्विस कमीशन
शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) के तहत आप 10 वर्ष के लिए आर्मी ज्वॉइन कर सकते हैं। इसके बाद आपके पास दो विकल्प होते हैं। या तो आप परमानेंट कमीशन के तहत काम कर सकते हैं या नौकरी छोड़ सकते हैं। परमानेंट कमीशन में चयन न होने पर 4 साल का एक्सटेंशन मिल जाता है। एसएससी के लिए भी ग्रेजुएट होना जरूरी है। इसके लिए सीडीएस परीक्षा में आप नॉन टेक्निकल श्रेणी (पुरुष और महिला दोनों के लिए) से परीक्षा दे सकते हैं। चयन के बाद ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए), चेन्नई में ट्रेनिंग होती है। इसके अलावा एडिशनल डायरेक्टोरेट जनरल रिक्रूटिंग/एजी ब्रांच द्वारा एसएससी टेक्निकल मेन (अप्रैल और अक्टूबर) और एसएससी टेक्निकल वुमन (दिसंबर/ जनवरी और जून/ जुलाई) का नोटिफिकेशन भी निकाला जाता है, जिसमें इंजीनियरिंग डिग्रीधारक अप्लाई कर सकते हैं।
एनसीसी
यदि आप 50 प्रतिशत अंकों के साथ ग्रेजुएट हैं और आपके पास एनसीसी सीनियर डिविजन (आर्मी) में कम-से-कम बी ग्रेड के साथ सी सर्टिफिकेट हो, तो एनसीसी की ओर से आपको सीधे इंटरव्यू के लिए भेजा जा सकता है।
सैनिक व अन्य नियुक्तियां
यदि आपकी शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक क्षमता किसी खास जॉब के अनुरूप है तो जरूरी लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और मेडिकल व फिटनेस संबंधी प्रक्रिया से गुजरते हुए आप आर्मी का हिस्सा बन सकते हैं। सेना में सोल्जर जनरल ड्यूटी (शैक्षणिक योग्यता-45 प्रतिशत के साथ मैट्रिक, उम्र-साढ़े 17 से 21 वर्ष), सोल्जर टेक्निकल (शैक्षणिक योग्यता-विज्ञान व गणित के साथ 12वीं, उम्र-साढ़े 17 से 23 वर्ष), सोल्जर क्लर्क, स्टोरकीपर (शैक्षणिक योग्यता-किसी भी संकाय से 12वीं, उम्र-साढ़े 17 से 23 वर्ष) और सोल्जर नर्सिंग असिस्टेंट (शैक्षणिक योग्यता-साइंस व जीवविज्ञान के साथ 12वीं, उम्र-साढ़े 17 से 23 वर्ष) के रूप में नियुक्तियां होती रहती हैं। इनके अलावा सोल्जर ट्रेड्समैन (जनरल ड्यूटी ः शैक्षणिक योग्यता-नन मैट्रिक, उम्र-साढ़े 17 से 20 वर्ष और स्पेसीफाइड ड्यूटी ः शैक्षणिक योग्यता-नन मैट्रिक, उम्र-साढ़े 17 से 23 वर्ष) के रूप में भी छात्रों को मौके मिलते हैं। हवलदार-एजुकेशन (शैक्षणिक योग्यता-बीएड, उम्र-20 से 25 वर्ष), धार्मिक गुरु (शैक्षणिक योग्यता-ग्रेजुएट, उम्र-27 से 34 वर्ष), जेसीओ-कैटरिंग (शैक्षणिक योग्यता-12वीं/डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट/कैटरिंग, उम्र-21 से 27 वर्ष) और सर्वेयर/कार्टोग्राफर (शैक्षणिक योग्यता-मैथ्स में बीए/बीएससी, उम्र-20 से 25 वर्ष) के रूप में भी भारतीय सेना में अपनी सेवा दी जा सकती है। देश के कुछ खास हिस्सों के अभ्यर्थियों के लिए आयु संबंधी विशेष छूट भी दी जाती है।
(के. राजीव,अमर उजाला,29.9.2010))
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