आल इंडिया बार एग्जाम (दक्षता परीक्षा) के लिए आवेदन करने वाले लॉ ग्रेजुएट इस परीक्षा के पहले ही प्रेक्टिस शुरू कर सकेंगे। परीक्षा में हो रही देर के मद्देनजर बार कौंसिल आफ इंडिया की चेन्नई में हुई बैठक में शनिवार को यह निर्णय लिया गया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि परीक्षा में पास होने वाले वकील प्रेक्टिस जारी रख सकेंगे और अगर फेल हुए तो प्रेक्टिस रोककर उन्हें परीक्षा देनी पड़ेगी।
आल इंडिया बार एग्जाम पूर्व में पांच दिसंबर को होने थे। परीक्षा का पाठ्यक्रम तैयार न होने के कारण इसे आगे बढ़ा दिया। बार कौंसिल आफ इंडिया के निर्णय के अनुसार यह परीक्षा अब मार्च में होगी।
परीक्षा होने और रिजल्ट आने में लगभग पांच महीने और लग जाएंगे। इससे ऐसे लॉ ग्रेजुएट जिनका रिजल्ट अप्रैल-मई में ही निकल गया है, वे चाहकर भी प्रेक्टिस शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
स्टेट बार कौंसिल के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने छात्रों की इस दिक्कत का उल्लेख करते हुए बार कौंसिल आफ इंडिया को पत्र लिखा, जिसमें कहा गया था कि इस साल विधि अंतिम वर्ष की परीक्षा पास करने वालों को दक्षता परीक्षा देनी है लेकिन परीक्षा में अभी देर है।
कई विधि स्नातक जो एलएलबी पास करने के बाद मई में रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, वे प्रेक्टिस शुरू करना चाहते हैं। बेरोजगारी के मद्देनजर उन्हें प्रेक्टिस की अनुमति दी जानी चाहिए।
स्टेट बार कौंसिल के इस पत्र को आज चेन्नई में हुई बार कौंसिल आफ इंडिया की बैठक के दौरान प्रस्ताव के तौर पर शामिल किया गया। बार कौंसिल आफ इंडिया के पदाधिकारियों व देश भर से गए प्रतिनिधियों ने विचार-विमर्श के बाद तय किया कि युवाओं के हित में इस प्रस्ताव को स्वीकार करना उचित होगा।
यह तय किया गया कि इस साल रजिस्ट्रेशन कराने वाले ऐसे छात्र जिन्होंने दक्षता परीक्षा के लिए आवेदन किया है, उन्हें प्रेक्टिस करने की अनुमति दी जाए। परीक्षा में पास होने पर वे प्रेक्टिस जारी रख सकेंगे और अगर फेल होते हैं तो दोबारा होने वाली परीक्षा में शामिल होने और उसे पास करने तक प्रेक्टिस स्थगित रखेंगे।
आवेदन करने वाले ही पात्र
बैठक में खासतौर पर यह ध्यान रखा गया कि इस साल एलएलबी अंतिम वर्ष की परीक्षा पास करने के बाद स्टेट बार कौंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने वाले ऐसे छात्रों को ही प्रेक्टिस की अनुमति मिलेगी, जिन्होंने परीक्षा के लिए आवेदन किया है।
जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया, वे रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी प्रेक्टिस शुरू नहीं कर पाएंगे। बार कौंसिल आफ इंडिया के प्रतिनिधि फैजल रिजवी ने बताया कि इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद सभी स्टेट बार कौंसिल को इसकी जानकारी भेजी जा रही है। इस फैसले से देश भर के हजारों आवेदकों को फायदा होगा।
ऑल इंडिया बार एग्जाम 6 मार्च को
प्रेक्टिस करने के लिए जरूरी ऑल इंडिया बार एग्जाम की तिथि में एक बार फिर बदलाव किया गया है। अब यह परीक्षा ६ मार्च को होगी। छत्तीसगढ़ से इस परीक्षा में तकरीबन ११ सौ वकील शामिल होंगे। पहली बार वकील बनने के बाद प्रेक्टिस करने के लिए ऑल इंडिया बार परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।
यह परीक्षा पहले नवंबर में आयोजित की जानी थी। कुछ कारणों से इसकी तिथि में बदलाव करते हुए दिसंबर में परीक्षा आयोजित करने की बात सामने आई। अब इस तिथि में भी संशोधन किया गया है। ऑल इंडिया बार कौंसिल के उपाध्यक्ष फैजल रिजवी ने बताया कि जिस तरह से एमबीबीएस या अन्य कोर्स करने के बाद इंटर्नशिप का प्रावधान रखा जाता है।
जिससे उन्हें मूलभूत जानकारी मिल सके। ठीक उसी तरह से एलएलबी की परीक्षा पास कर वकील बनने वाले लोगों के लिए यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। ताकी प्रैक्टिस के दौरान उन्हें किसी भी तरह की कोई असुविधा न हो। बार-बार तिथि में बदलाव किए जाने से नए वकीलों को थोड़ी परेशानी हुई है।
उसे देखते हुए यह तय किया गया है कि जो वकील इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं वे परिणाम आने तक प्रेक्टिस कर सकते हैं(दैनिक भास्कर,बिलासपुर,21.11.2010)।
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