जोधपुर हाईकोर्ट ने विद्यार्थी मित्र योजना को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार कर इस योजना के औचित्य पर सवाल उठाते हुए सरकार से जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश गोविंद माथुर ने ललित कुमार खोईवाल सहित प्रदेश के 144 प्रशिक्षण प्राप्त बेरोजगार अध्यापकों की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के तहत यह आदेश दिए। याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता पिंटु पारीक ने न्यायालय में कहा कि पूरी योजना ही नियम विरुद्ध है तथा योजना के तहत बैकडोर एंट्री से नियुक्तियां की गई है।
नियमानुसार प्रारंभिक शिक्षा के मामले में प्रशिक्षित व योग्य अध्यापक द्वारा ही विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जानी चाहिए, जबकि इस योजना के तहत अप्रशिक्षित व अयोग्य अध्यापक पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। न्यायाधीश माथुर ने इस पर राज्य सरकार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए मामले की सुनवाई 14 जनवरी 2011 को तय की है(दैनिक भास्कर,जोधपुर,25.11.2010)।
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