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24 नवंबर 2010

अब मॉडर्न होगी पंजाबी स्टडी

गुरु नानक सिख स्टडी से स्कूल ऑफ पंजाबी तक और लेक्सिकोग्राफी से मॉडर्न ल्रिटेचर तक, अब सारे सब्जेक्ट्स की पढ़ाई एक ही बिल्डिंग में होगी। यह बिल्डिंग है, पीयू में बन रहा गुरु तेग बहादुर भवन। स्टूडेंट्स की मानें तो उनका ज्यादा टाइम तो एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक तक जाने में ही वेस्ट हो जाता है। मगर अब जैसे ही यह बिल्डिंग बनकर तैयार होगी, सभी पंजाबी के स्टूडेंट्स एक ही जगह अपनी पढ़ाई कर पाएंगे। इस नई बिल्डिंग से स्टूडेंट्स को क्या फायदा होगा इस पर सिटी लाइफ की रिपोर्ट:

पूटा की प्रेसिडेंट और डिपार्टमेंट ऑफ गुरु नानक सिख स्टडीज की जसपाल कौर कंग ने बताया कि पंजाबी लिटरेचर, कल्चर, ट्रेडिशन और लैंग्वेज को बड़े पैमाने पर प्रमोट करने के लिए इस बिल्डिंग को बनाया जा रहा है। नेट क्लियर कर चुका कोई भी आर्ट स्टूडेंट आगे रिसर्च कर पाएगा। उदाहरण के तौर पर सिख इतिहास के अलग-अलग गुरुओं के समय में म्यूजिक, ल्रिटेचर आदि कैसा होता था और आज कैसा है। इसके साथ ही गुरु नानक सिख स्टडी डिपार्टमेंट रीलिजस स्टडीज में पोस्ट ग्रेजुएशन, गुरु ग्रंथ साहिब में डिप्लोमा आदि जैसे कोर्स भी शुरू करेगा। पुरानी मैनुस्क्रिप्ट्स को ढूंढकर उन्हें एडिट किया जाएगा। यहां स्टूडेंट्स को नए सब्जेक्ट्स पर नए नजरिए से नए काम करने का मौका होगा।

इंटरनेशनल लेवल की रिसर्च
दूसरे देशों की तरह अब यहां के स्टूडंेट्स भी इंटरनेशनल लेवल की रिसर्च कर सकेंगे। स्कूल ऑफ पंजाबी से पीएचडी कर रहे सरवन सिंह मान ने बताया कि यहां पंजाबी की एक्सक्लूसिव वर्कशॉप्स, स्पेशल लेक्चर, सेमिनार, इंटनेशनल कॉन्फ्रेंस होंगी। इसके अलावा एक्सचेंज प्रोग्रैम्स की भी तैयारी है, जिस कारण वे दूसरे देशों की संस्कृति और वहां हो रही पंजाबी रिसर्च के बारे में जान सकेंगे। वहीं मनप्रीत कहती हैं कि इस नए सिस्टम में दूसरे डिपार्टमेंट के टीचर्स से लगातार संपर्क में रहेंगे। स्टूडेंट्स भी एक-दूसरे के साथ अपने वर्क को शेयर कर पाएंगे।

आज होगा उद्घाटन
इस बिल्डिंग का उद्घाटन सीएम प्रकाश सिंह बादल आज करेंगे। आरके राय की मानें तो अगले 6 महीने में सारे लेक्चर और कॉन्फ्रेंस हॉल बनकर तैयार हो जाएंगे। जबकि पूरा काम एक साल तक खत्म हो जाएगा। एक साल बाद यहां सभी डिपार्टमेंट शिफ्ट हो जाएंगे(आरती अग्निहोत्री,दैनिक भास्कर,चंडीगढ़,24.11.2010)।

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