दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय को नेशनल मिशन आन एजुकेशन थ्रू इनफार्मेशन एण्ड कम्युनिकेशन टेक्नालाजी (एनएमईआईसीटी) प्रोजेक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन होते ही देश के विश्वविद्यालय एवं कालेज इण्टरनेट कनेक्टिविटी से जुड़ जाएंगे। कुलपति पी.के. महांति द्वारा 19 नवम्बर को दिये गये निर्देश के क्रम में वित्त अधिकारी रामचरनलाल ने मंगलवार को प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए हरी झण्डी दे दी।
मिली जानकारी के अनुसार एनएमईआईसीटी प्रोजेक्ट के अन्तर्गत विश्वविद्यालय में ई-गेटवे हब स्थापित होगा। इसपर कुल खर्च तकरीबन 2 करोड़ रुपये आएगा, जिसमें लगभग 50 लाख रुपये विश्वविद्यालय को अपने स्रोतों से देना होगा जबकि शेष डेढ़ करोड़ रुपये भारत सरकार देगी। विश्वविद्यालय में इसके संचालन के लिए एक कमेटी गठित की गयी है। कुलसचिव ए.एम. अंसारी इसके नोडल अधिकारी बनाए गये हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह प्रोजेक्ट विश्वविद्यालय के सेन्ट्रल लाइब्रेरी में स्थापित होगा। इसके संचालित होने से विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को दुनिया भर के विश्वविद्यालयों और कालेजों के पाठ्यक्रम और गतिविधियों से रूबरू होने का बेहतर मौका मिलेगा।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय में यह प्रस्ताव काफी दिनों से लंबित था। पूर्व में इण्टरनेट नेटवर्किंग की असफलता और जांच-पड़ताल के कारण इसमें कोई हाथ नहीं डाल रहा था। चूंकि इस प्रोजेक्ट को बीएसएनल द्वारा संचालित होना है, ऐसे में विगत दिनों बीएसएनएल के अधिकारियों ने कुलपति से वार्ता की, जिसके फलस्वरूप कुलपति ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया था। मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय ने इस प्रोजेक्ट की स्थापना के लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर लिया है(दैनिक जागरण,गोरखपुर,24.11.2010)।
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