अगले वर्ष केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से करीब 29 हजार विद्यार्थी दसवीं की परीक्षा देंगे। जबकि स्कूलों के जरिए परीक्षा देने वालों की तादाद इससे करीब ढाई गुना ज्यादा है।
बोर्ड ने सतत मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत सत्र 2010-11 में दसवीं में परीक्षा के लिए दो विकल्प दिए हैं। ग्यारहवीं और बारहवीं में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में रहने वाले 10 वीं के विद्यार्थी सेमेस्टर प्रणाली के तहत स्कूल स्तर पर परीक्षा देंगे। इनकी पहली सेमेस्टर परीक्षा सितम्बर में हो चुकी है। अगला सेमेस्टर मार्च में होगा। दूसरे विकल्प के अन्तर्गत दसवीं के बाद अन्यत्र बोर्ड में जाने वाले विद्यार्थियों की परीक्षाएं सीबीएसई लेगा। बोर्ड ने वर्ष 2011 में दसवीं और बारहवीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत दसवीं के आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
स्कूली पैटर्न को तरजीह
अजमेर क्षेत्रीय कार्यालय से प्राप्त अधिकृत आंकड़ों के मुताबिक 72 हजार 600 विद्यार्थियों ने स्कूलों के जरिए दसवीं की परीक्षा देने के लिए आवेदन किया है। बोर्ड के जरिए परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या 28 हजार 800 है। मालूम हो कि परीक्षा के दोनों विकल्प चुनने की सूरत में अंकतालिका-प्रमाण पत्र केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ही जारी करेगा। मूल्यांकन की दोनों प्रक्रियाएं समान रहेंगी। अजमेर क्षेत्रीय कार्यालय के तहत राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश, दादर नागर हवेली आते हैं।
बीते वर्षो में दसवीं के परीक्षार्थी
वर्ष 2009: पंजीकृत विद्यार्थी- 87556 (छात्र-52570, छात्राएं-34,986)
वर्ष 2010:पंजीकृत विद्यार्थी- 97 हजार 396 (छात्र-58,805, छात्राएं-38,588)
इनका कहना है
दसवीं की परीक्षा के दो विकल्प दिए गए हैं। स्कूलों से 72 हजार और बोर्ड से 28 हजार से ज्यादा विद्यार्थी पंजीकृत हुए हैं।
पी.आई.साबू, निवर्तमान संयुक्त सचिव सीबीएसई अजमेर जोन(राजस्थान पत्रिका,अजमेर,10.11.2010)
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