विधि परीक्षा में गलत मूल्यांकन की शिकायत लेकर कुलपति से मिलने गये छात्रों ने बात अनसुनी होने पर आमरण अनशन शुरू कर दिया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में विधि प्रथम वर्ष की परीक्षा में कम नंबर आने पर 250 के करीब छात्रों ने प्रथम सेमेस्टर के विषयों में अगस्त और सितंबर 2010 में बैक पेपर दिया था, लेकिन तीन नवंबर को परीक्षा का परिणाम आया तो छात्र हैरान रह गए। विधि के छात्र सनातन पांडे, जिसे मुस्लिम लॉ में प्रथम सेमेस्टर में 39 नंबर मिले थे, बैक में 16 नंबर मिले। ऐसी ही स्थिति कई छात्रों के साथ हुई। छात्र सुनील पांडेय ने बताया कि तीन दर्जन के ऊपर छात्र तो बैक पेपर में फेल हो गए। छात्र कई दिनों तक विधि संकाय में गुहार लगाते रहे। सुनवाई नही होने पर आक्रोशित छात्र मंगलवार को कुलपति कार्यालय पहुंच गए। मौके पर प्राक्टोरियल बोर्ड के अधिकारी और पुलिस भी पहुंच गई। अधिकारियों ने छात्रों को कुलपति से मिलने से रोक दिया। छात्र वहीं पर नारेबाजी करने लगे। रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचकर नाराज छात्रों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। छात्र प्रेम नाथ, शिवा त्रिपाठी, देवदत्त, प्रशांत मिश्रा, आशुतोष सिंह, अनुप कुमार द्विवेदी, अनुपम कुमार दुबे आमरण अनशन पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि बैक पेपर की सभी कापियों का फिर से मूल्यांकन कराया जाए। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का इस मामले में कहना है कि बैक पेपर और प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में पूरी पारदर्शिता के साथ कापी जांचकर परीक्षा परिणाम घोषित किया गया है(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,24.11.2010)।
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