सोमवार का दिन कर्मचारी संगठनों के प्रदर्शन के नाम रहा। कलेक्ट्रेट, पीडब्ल्यूडी और लोक निर्माण विभाग पर कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। लोकनिर्माण विभाग के परिसर में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक निर्माण विभाग मजदूर सभा इलाहाबाद शाखा के निर्माण कर्मचारी सुबह से पहुंचने लगा। कोरांव, मेजा, सिरसा, बारा, करछना, सैदाबाद, प्रतापपुर नवाबगंज, कौशांबी आदि जगहों से कर्मचारी विरोध जताने पहुंचे थे। सभा को संबोधित करते हुए मजदूर नेता सुधीर सहाय ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के कार्यरत मजदूरों के महत्वपूर्ण स्तंभ होने के बावजूद पेंशन नहीं दिया जाना सरकार के लिए शर्मनाक है। एशिया प्रशांत क्षेत्र के डायरेक्टर राजीव शर्मा ने सड़कों का काम मजदूरों से कराने की मांग की। हिंद मजदूर सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भोलानाथ तिवारी ने कहा कि सड़क की लंबाई आजादी के बाद दो गुनी हो गई। 1991 के बाद भर्ती पर रोक लगने से श्रमिक की संख्या लगातार घट रही है। पूर्व सांसद धर्मराज सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण में अनियमितता को बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाम तक चली सभा के बाद नेताओं ने अधिशासी अभियंता नोडल को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। वेतन, भत्ता और नियमित करने की 22 मांगों को पूरा करने की मांग की गई।
कलेक्ट्रेट पर गरजे रोजगार सेवक
कलेक्ट्रेट पर ग्राम रोजगार सेवकों ने मांगों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। धरने में शामिल हुईं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि रोजगार सेवकों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ कांग्रेस उनके साथ है। सोनिया गांधी के आगमन पर उनकी समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखा जाएगा। जल्द ही ग्रामीण विकास मंत्री से मिलकर समस्याओं के निस्तारण का आश्वासन दिया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव मनोरथ शुक्ला ने कहा कि 25 अगस्त को जारी शासनादेश में रोजगार सेवकों की नये चयन की बात कही गई है। यह आदेश रोजगार सेवकों के साथ अन्याय दर्शाता है। मौके पर रोजगार सेवकों के भीड़ और नारेबाजी को देखते हुए कई थानों की फोर्स और पीएसी पहुंच गई। पुलिस के मना करने के बाद भी रोजगार सेवकों का जुलूस विकास भवन पहुंच गया। पुलिस से जुलूस की नोंक -झोंक होने पर माहौल तनाव में हो गया। मौके पर डीएम संजय प्रसाद ने ज्ञापन लेकर रोजगार सेवकों के साथ अन्याय नहीं होने देने का आश्वासन दिया। ज्ञापन में नए चयन का शासनादेश वापस लेने, नवीनीकरण प्रक्रिया समाप्त करने, मानदेय बढ़ाने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष अरूण यादव ने कहां कि दो दिसंबर को प्रस्तावित विधान सभा घेराव में बीस ब्लाक से 1400 सौ रोजगार सेवक लखनऊ के लिए कूच करेंगे। धरने का संचालन जिला महामंत्री नरेन्द्र शर्मा ने किया।
उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता ओपी सिंह और संचालन मंडल मंत्री अरूण कुमार पांडेय ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए नियमित वर्कचार्ज कर्मचारी संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य रविशंकर मिश्र ने कहा कि शासनादेश के खिलाफ अधिकारी कैंपस में अन्य यूनियनों का धरना प्रदर्शन करवा रहे हैं। इसकी शिकायत प्रमुख अभियंता से लखनऊ में की जायेगी। ओपी सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर दो दिसबंर को जिला मुख्यालय और 15 दिसंबर को विधानसभा पर प्रदर्शन किया जायेगा(दैनिक जागरण,इलाहाबाद,23.11.2010)।
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