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23 नवंबर 2010

झाँसी में कृषि विवि का रास्ता साफ

कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना में आड़े आ रहा जमीन का अड़ंगा निकलता ऩजर आ रहा है। केन्द्रीय कृषि मन्त्री शरद पवार ने प्रदेश की मुखिया मायावती को पत्र भेज कर इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए झाँसी को उचित बताया।
क्षेत्रीय सांसद व केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने बुन्देलखण्ड के विकास और यहाँ की कृषि सम्बन्धी समस्याओं के बारे में प्रधानमन्त्री को पत्र भेजा था। कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए झाँसी के भरारी फार्म में पर्याप्त भूमि के साथ ही जनपद ललितपुर के सैदपुर फार्म में भी 2500 एकड़ जमीन विश्वविद्यालय के लिए उपलब्ध होना बताया था। बुन्देलखण्ड में कृषि के हालातों को सुधारने के लिए कृषि मंत्रालय ने इसको हरी झण्डी दे दी थी, लेकिन जमीन को लेकर मामला लटक सा गया था। क्षेत्रीय सांसद की पहल पर अब रास्ता साफ होता ऩजर आ रहा है। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री मायावती को पत्र भेजकर बताया कि भारत सरकार ने केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए पूर्व में अवगत कराया जा चुका है, जो बुन्देलखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत स्थापित किया जाना है। इस महत्वपूर्ण संस्था को स्थापित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार से कई प्रस्ताव प्राप्त हुए है। इसके बाद भी इस संस्था की स्थापना के लिए बुन्देलखण्ड के झाँसी को ही वरीयता दी गई है। इसके लिए भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान केन्द्र के निकट 300 एकड़ भूमि आवण्टित की गई है। उन्होंने इस संस्था की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री से सहयोग करने को कहा, ताकि बुन्देलखण्ड के लोगों की कृषि से सम्बन्धित जटिल समस्याओं का निस्तारण हो सके। संस्था की स्थापना के लिए विशेष सहयोग की बात भी कही। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने क्षेत्रीय सांसद व केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्यवाही के सम्बन्ध में जानकारी भेजी है(दैनिक जागरण,झांसी,23.11.2010)।

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