मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

22 नवंबर 2010

काबिल छात्रों को मुफ्त पढ़ा सकते हैं मेडिकल कॉलेजःसुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि गैर-सहायता प्राप्त निजी मेडिकल कॉलेज गरीब और काबिल छात्रों को मुफ्त प्रवेश दे सकते हैं। इसके लिए रास्ते में आड़े आने वाले वैधानिक नियमों को हटाने की भी जरूरत पड़े तो कोई हर्ज नहीं। न्यायमूर्ति आर.वी. रविंद्रन और एच.आर. गोखले की पीठ ने कहा कि अगर कोई कॉलेज आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को अपने प्रबंधन कोटे की दस फीसदी सीटों में मुफ्त में प्रवेश दे कर उनकी मदद करना चाहता है तो शुल्क नियामक समिति के लिए वह शुल्क तय करना जरूरी नहीं है जो कॉलेज ऐसी सीटों के लिए लेता है। पीठ ने कहा ऐसे कॉलेजों के लिए उन गैर-सहायता प्राप्त कालेजों के समूह का हिस्सा होना जरूरी नहीं है जो फीस लेना चाहते हैं। इसी के साथ पीठ ने दो कानूनी उपबंधों को रद कर दिया जो सुप्रीम कोर्ट ने पेशेवर गैर-सहायता प्राप्त कॉलेजों में प्रवेश के संबंध में पूर्व में दिए गए अपने कुछ फैसलों से तय किए थे। पीठ ने हालांकि यह भी कहा कि गरीब छात्रों को मुफ्त प्रवेश देने की ऐसी योजना में यह सुनिश्चित करना जरूरी होगा कि इसकी आड़ में अवैध या अनियमित प्रवेश न हो या गुपचुप तरीके से कैपिटेशन फीस न ली जाए। पीठ ने यह व्यवस्था गुजरात के चारूतर आरोग्य मंडल द्वारा संचालित प्रमुख स्वामी मेडिकल कॉलेज की अपील पर दी। गैर-सहायता प्राप्त इस कॉलेज ने मैनेजमेंट कोटा के तहत काबिल लेकिन गरीब छात्रों को पांच हजार रुपये की टोकन फीस के साथ प्रवेश देने की इजाजत मांगी थी लेकिन राज्य सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।(दैनिक जागरण,दिल्ली,22.11.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।