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30 नवंबर 2010

पंजाबःअतिथि अध्यापकों को झटका

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अध्यापक पात्रता परीक्षा पास न करने वाले अतिथि अध्यापकों को झटका देते हुए उनके द्वारा परीक्षा के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है।
अतिथि अध्यापक विजय कुमार व अन्य ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर राज्य सरकार द्वारा अध्यापकों की नियुक्ति के लिए राज्यस्तरीय अध्यापक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) लेने के फैसले को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा था कि अध्यापकों की शैक्षिक योग्यता तय करना नेशनल काउंसिल टीचर एजूकेशन (एनसीटीई)का काम है न की राज्य सरकार का। याचिकाकर्ता के अनुसार वे जेबीटी, बीए, बीएड, एमए, एमएड डिग्री प्राप्त कर चुके हैं जो स्कूल अध्यापक के लिए एनसीटीई द्वारा तय शैक्षिक योग्यता है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि सरकार ने अध्यापक पात्रता परीक्षा के लिए जो अधिसूचना जारी की है उस पर रोक लगाई जाए। सुनवाई के दौरान कोर्ट को यह भी बताया कि याचिकाकर्ता कई सालों से गेस्ट टीचर के रूप में काम कर रहे है और इस टेस्ट की वजह से वे नियमित नियुक्ति के पात्र नही रहेंगे।

इस मामले में पात्रता परीक्षा पास करनेवाले अध्यापक संघ के सदस्यों की तरफ से हाईकोर्ट में अर्जी देकर इस मामले में प्रतिवादी बनते हुए कोर्ट से अपना पक्ष रखने का अवसर देने का आग्रह किया गया था।
दोनो पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि इस मामले में याचिकाकर्ता गेस्ट अध्यापकों द्वारा जो तर्क दिए गए हैं वे प्रभावित करने वाले नही हैं और राज्य सरकार के पास यह अधिकार है कि वह शिक्षा में सुधार के लिए अध्यापकों की उच्च योग्यता तय कर सके।
हाईकोर्ट के शुक्रवार के फैसले से वे हजारों गेस्ट टीचर प्रभावित होंगे, जिन्होंने अध्यापक पात्रता परीक्षा पास नहीं की है(दैनिक जागरण,चंडीगढ़,30.11.2010)।

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