दिल्ली विश्वविद्यालय में नए कुलपति के चुनाव के बाद अब जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय की बारी है। जेएनयू में वीसी के चुनाव के लिए सरगर्मी तेज हो गई है। जेएनयू में नए वाइस चांसलर के नाम को लेकर, तो डीयू के पूर्व कुलपति दीपक पेंटल सहित कई नाम चल रहे हैं, लेकिन इन नामों में हैदराबाद विश्वविद्यालय के वीसी सैयद हसनैन का नाम सबसे ऊपर है। इसका प्रमुख कारण उनकी जेएनयू की पृष्ठभूमि है।
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. बी. भंट्टाचार्य का कार्यकाल इस वर्ष जून में समाप्त हो गया। नए वीसी की खोज के लिए चुनाव समिति गठित की गई है। अध्यक्षता इसरो के पूर्व चेयरमैन के. कस्तूरीरंगन कर रहे है। समिति में मशहूर अर्थशास्त्री नितिन देसाई, आईआईएससी के निदेशक पी. बलराम भी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, जेएनयू के नए वीसी की दौड़ में सैयद हसनैन सबसे आगे चल रहे हैं। हैदराबाद विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर हसैनन का कार्यकाल दिसंबर के अंत में समाप्त हो रहा है। वह प्रधानमंत्री की वैज्ञानिक सलाहकार काउंसिल में सदस्य भी हैं। उन्होंने जेएनयू से पीएचडी कर रखी है। जवाहर लाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस साइंटफिक रिसर्च, बेंगलूर के ऑनरेरी प्रोफेसर हसनैन देश की सभी बड़ी साइंस बॉडी के चयनित फेलो भी हैं। जेएनयू की पृष्ठभूमि होने के कारण इस पद पर उनकी प्रबल दावेदारी है।
उधर, जेएनयू की सेंटर फार इकोनामिक्स स्टडीज एंड प्लानिंग की फैकल्टी की जयंती घोष, राजनीति विज्ञान विभाग की जोया हसन और स्कूल ऑफ लाइफ सांइसेज के राजेंद्र प्रसाद का नाम भी वाइस चांसलर बनने वाले लोगों की सूची में शामिल है। दिल्ली विश्वविश्वद्यालय के पूर्व कुलपति दीपक पेंटल भी इस दौड़ में शामिल बताए जाते हैं। दिसंबर में इनमें किसी भी एक नाम पर मुहर लग सकती है(दैनिक जागरण,दिल्ली,24.11.2010)।
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