महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक व परास्नातक के विभिन्न कक्षाओं में एक बार फिर से श्रेणी सुधार की व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका लाभ विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी मिलेगा। विद्यापीठ की कार्यपरिषद ने इस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
कुलपति प्रो. अवधराम की अध्यक्षता में बुधवार को परिसर के समिति कक्ष में कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न संबद्ध कॉलेजों व छात्रों की मांग को देखते हुए मार्कसीट में अंक सुधार व श्रेणी सुधार के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। ज्ञातव्य है कि विद्यापीठ को संबद्धता मिलने के पूर्व श्रेणी सुधार की व्यवस्था लागू थी। बाद में इसे खत्म कर दिया गया। परिषद ने पिछड़ी जाति के कोटे में एक शिक्षक की नियुक्ति का मामला राज्यपाल को संदर्भित कर दिया। बताया गया कि यह प्रदेश के बाहर के निवासी हैं। समाजशास्त्र में प्रवक्ता पद पर पिछड़ा वर्ग के जयप्रकाश यादव की नियुक्ति का अनुमोदन परिषद ने दे दिया। इनकी नियुक्ति सशर्त की गई है। इसी क्रम में सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष पद पर नियुक्त अमृता मजूमदार का पर्यवेक्षण काल दो वर्ष से घटाकर एक वर्ष कर दिया गया। परिषद के सदस्यों का मानना रहा कि इन्हें शिक्षकों की भांति सभी लाभ मिल चुके है। इसलिए इसे घटाया गया। वर्ष 2008 में सूचीकार पर नियुक्त कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई। बताया गया कि वह पिछले एक वर्ष से अवकाश पर था(दैनिक जागरण,वाराणसी,10.11.2010)।
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