मेडिकल कालेज में शिक्षकों की कमी के चलते छात्र दूसरे कालेजों में पढ़ने को मजबूर हो रहे हैं। मंगलवार को मेटाबोलिज्म डिपार्टमेंट के 3 बच्चों को अध्यापक न होने के कारण संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ में आगे की पढ़ाई पूरी करने के लिए भेज दिया गया।
सचिवालय से मंगलवार को आये आदेश के मुताबिक अब मेटाबोलिज्म के छात्रों को लखनऊ भेज दिया गया है। प्रिंसिपल डा. प्रदीप भारती ने मामले की संस्तुति करते हुए कहा कि कालेज के मेटाबॉलिज्म के प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्रों को शिक्षक की कमी के चलते बाहर भेजा रहा है। मनीषा की याचिका पर उच्च न्यायालय के आदेश पर सचिवालय ने इन छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ये स्थानान्तरित कर दिया है। बता दें, विभाग में लंबे समय से पद पर किसी शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है। केके गुप्ता के आगरा कालेज चले जाने पर छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा हो गया था। पिछले दिनों संविदाकर्मियों की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार लेने आये डीजी के सामने भी मेटाबोलिज्म में शिक्षक की नियुक्ति का सवाल उठा था। वे भी योग्य अभ्यर्थी की तलाश के बाद विभाग के सूनेपन को खत्म करने का आश्वासन दे गये थे, लेकिन नतीजा सिफर रहा। बहरहाल, सचिवालय के आदेश से बच्चों ने राहत की सांस ली है(दैनिक जागरण,मेरठ,10.11.2010)।
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