सर्वशिक्षा अभियान के तहत कक्षा छह में पढ़ रही बालिकाओं को स्कूल तक पहुंचने के लिए दिए जाने वाले ट्रांसपोर्ट भत्ते की सुविधा का लाभ बालकों को भी मिले इस योजना पर काम शुरू किया गया है।
इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों के जरिए संस्था प्रधानों के प्रस्ताव मांगे गए हैं। समय पर योजना को अमली जामा पहनाया जा सका तो इसी सत्र में बालिकाओं के साथ बालकों को भी करीब सौ दिन का ट्रांसपोर्ट भत्ता मिल सकेगा। अब तक यह योजना अब तक प्रस्ताव के स्तर पर ही है।
योजना के अनुसार कक्षा छह, सात और आठ के छात्र-छात्राओं को 5 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से ट्रांसपोर्ट भत्ता दिया जाएगा। खण्ड संदर्भ केन्द्र प्रभारी मोहनलाल जीनगर ने बताया कि वैकल्पिक शिक्षा के तहत शाला से एक किलोमीटर परिघि बाहर से आने वाले सभी छात्र-छात्राओं को ट्रांसपोर्ट वाऊचर योजना के तहत शिक्षा सत्र में 200 कार्य दिवस मानते हुए 5 रूपए प्रति कार्य दिवस के हिसाब से ट्रांसपोर्ट भत्ता दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व बालिका शिक्षा कार्यक्रम के तहत महज कक्षा 6 में नव प्रवेश करने वाली छात्राओं को ही इस प्रकार का भत्ता मिलता था।
इस साल 500 रूपए
चालू शिक्षा सत्र में 100 कार्य दिवस शेष रह गए है। इसे देखते हुए योजना में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को इतने ही दिन का ट्रांसपोर्ट भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश की सभी शालाओं से प्रस्ताव मांगे गए है। शाला से एक किलोमीटर परिघि के बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं की दूरी का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। ऎसे चयनित विद्यार्थियों को ही भत्ता मिल सकेगा(राजस्थान पत्रिका,श्रीकोलायत-बीकानेर,10.11.2010)।
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