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10 नवंबर 2010

हिमाचलःपूर्व सैनिकों को मिलेगी वृद्धावस्था पेंशन

कांगडा जिले में जिन पूर्व सैनिकों को अभी तक सेना अथवा अन्य संस्था से किसी प्रकार की पेंशन नहीं मिल रही है, उन्हें बुढ़ापा आर्थिक सहायता पेंशन के रूप में प्रदान की जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त कांगड़ा आरएस गुप्ता ने मंगलवार को जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ऐसे सैनिकों की पहचान के लिए अभियान चलाएं जिन्हें अभी तक कोई भी पेंशन नहीं मिल रही है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में पूर्व सैनिकों को एक रैंक एक पेंशन की सुविधा सैनिक कल्याण बोर्ड द्वारा प्रदान कर दी गई है। पूर्व सैनिकों के आश्रित को इस योजना का लाभ देने का मामला सरकार के विचाराधीन है। ऐसे पूर्व सैनिकों की सुविधा के लिए उपायुक्त कार्यालय में सहायता कक्ष खोला गया है, ताकि पूर्व सैनिक अपनी समस्याओं को इस कार्यालय में प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि कांगडा जिला में 1161 पात्र पूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाएं जिनको सेना से पेंशन नहीं मिल रही है। ऐसे 60 वर्ष से अधिक आयु वाले सैनिक परिवारों को प्रदेश सरकार द्वारा 330 रुपये प्रति माह की दर से बुढ़ापा पेंशन प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त द्वितीय विश्र्वयुद्ध के 240 भूतपूर्व सैनिक एवं 760 युद्ध विधवाओं को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। उन्होंने ने बताया कि प्रदेश सरकार भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके कल्याण के लिए कृतसंकल्प है तथा सरकार द्वारा इस वर्ग के लोगों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई है। उन्होंने बताया कि भूतपूर्व सैनिकों के निधन पर भारत सरकार द्वारा आश्रितों को अंतिम संस्कार करने के लिए 2500 रुपये के अलावा 3000 रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उपायुक्त ने बताया कि जिले के सैनिक विश्राम गृहों में आवश्यक सामान तथा उनके रखरखाव के लिए 70 हजार रुपये प्रदान किए गए थे, जिससे सैनिक विश्राम गृहों में ठहरने के लिए बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों कुछ सैनिक रेस्ट हाउसों की अच्छी स्थिति में न होने के बारे में जानकारी मिली है। इस संबंध में शीघ्र ही जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके बाद इन सैनिक रेस्ट हाउसों के उचित रखरखाव का प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश वीरों की भूमि है और सरकार पूर्व सैनिकों का सम्मान हर हाल में बहाल रखेगी। इस अवसर पर जिला कल्याण बोर्ड के उप-निदेशक ओपी कोरला ने भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों को दी जा रही विभिन्न सुविधाओं की जानकारी दी। (दैनिक जागरण,कांगड़ा,10.11.2010)।

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