अब बायोटेक्नोलॉजी विषय के साथ सीनियर सैकण्डरी कर रहे छात्र भी एमबीबीएस कर सकेंगे।
प्री मेडिकल टेस्ट (पीएमटी) के लिए नवीन विषयों से जुड़े छात्रों को योग्य माना गया है। मेडिकल काउन्सिल ऑफ इंडिया के प्रस्ताव को स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वीकृति देने के बाद हाल ही सभी मेडिकल यूनिवर्सिटी व कॉलेजों को इस संबंध में निर्देशित किया है। आरपीएमटी सहित अन्य मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों में अगली बार से बायोक्नोलॉजी से जुड़े प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट की सलाह के बाद अगली बार पूरे देश के मेडिकल संस्थानों में एक ही संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम प्रवेश पर भी विचार चल रहा है। लेकिन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के आदेशानुसार पीएमटी चाहे केन्द्र स्तर पर हो या राज्यों के स्तर पर, अलग अलग भी मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं कराई जाएं, बायोटेक्नोलॉजी के छात्र इसके पात्र माने जाएंगे।
क्यों लेना पड़ा फैसला: सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सैंकडरी एजुकेशन ने 2005 में सीनियर स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी विषय शुरू किया था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार हजारों की संख्या में छात्रों ने बायोटेक्नोलॉजी विषय को चुना। लेकिन पिछले चार साल से बायोटेक्नोलॉजी को मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं किए जाने से छात्रों की संख्या घटकर मात्र चार हजार रह गई। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय को बायोटेक्नोलॉजी विषय में सीनियर कर रहे छात्रों को भी प्रवेश परीक्षा के योग्य मानने का फैसला करना पड़ा।
अब तक की स्थिति: मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में भौतिकी शास्त्र, रसायन शास्त्र व वनस्पति शास्त्र से जुड़े छात्र ही पात्र माने जाते थे। इनके अलावा अन्य विज्ञान विषयों से जुड़े छात्र पीएमटी के लिए पात्र नहीं माने जाते थे।
राजस्थान की स्थिति: पिछली आरपीएमटी में मेडिकल, डेंटल और वेटरिनरी की 1850 सीटों के लिए 17470 छात्र बैठे थे। इनमें से 4279 छात्र मेडिकल की 850 व डेंटल की 600 सीटों के लिए पात्र माने गए थे। लेकिन इस बार की प्रवेश परीक्षा फिलहाल अधर में है। राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी ने अगली प्रवेश परीक्षा कब और कैसे करानी है, इस संबंध में राज्य सरकार से पूछा है। दस दिन से यूनिवर्सिटी जवाब का इंतजार कर रही है।
बायोटेक्नोलॉजी एडिशनल विषय के साथ पीएमटी परीक्षा कराने के संबंध में आदेश यूनिवर्सिटी को प्राप्त हो चुका है। लेकिन हम तो सरकार के जवाब का इंतजार कर रहे हैं कि अगली आरपीएमटी कब करानी है - डॉ. शशि सिंघवी, कार्यवाहक कुलपति, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी( डूंगरसिंह राजपुरो�,दैनिक भास्कर,जयपुर,25.11.2010)
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