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25 नवंबर 2010

डीयू इलाका होगा महिला पुलिस कर्मियों के हवाले

अगर आप महिला हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय इलाके में रहती हैं तो आपके लिए दिल्ली पुलिस एक अच्छी खबर लेकर आई है। महिलाओं को पुलिसकर्मियों से अपनी छोटी मोटी समस्या बताने में अब संकोच नहीं करना पड़ेगा क्योंकि जल्द ही डीयू का इलाका महिला पुलिस कर्मियों के हवाले होगा। पुलिस जिप्सी, बीट, थाने में हर जगह महिलाओं को तैनात किया जाएगा। तैनाती के लिए महिला कर्मियों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीयू के बाद अगला नंबर साउथ कैंपस का होगा। दिल्ली विश्वविद्यालय तथा उसके आसपास के इलाकों में बड़ी तादात में छात्राएं व कामकाजी युवतियां रहती हैं। शायद यही वजह है कि दिल्ली पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता ने पहल करते हुए यहां पुलिसिंग के लिहाज से महिलाओं की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इलाके में पुलिस की छह बीटें तथा तीन सब डिवीजन हैं। इनमें खालसा कालेज, मिरांडा हाउस, श्रीराम कालेज, दौलत राम कालेज, सेंट स्टीफन कालेज, रामजस कालेज, हिंदू, किरोड़ीमल तथा हंसराज कालेज तथा सभी फैकल्टी व हॉस्टल कवर होते हैं। छह पीसीआर वैन भी तैनात हैं। नई व्यवस्था के तहत डिवीजन तथा बीट में दो महिला पुलिसकर्मियों के साथ एक पुरुष तथा पीसीआर में महिला कर्मियों की तैनाती के साथ थाने की एसएचओ व अधिकांश स्टाफ महिलाओं का ही होगा। पुलिस आयुक्त बीके गुप्ता के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय इलाका हाई क्राइम जोन में नहीं आता। वहां छात्र-छात्राओं के बड़ी तादात में रहने के कारण अलग तरह की समस्या हैं। अमूमन युवकों के समूह द्वारा छेड़छाड़, पीछा करने तथा फब्ती कसने आदि मामलों को छात्राएं नजर अदांज कर जाती हैं। पुलिस के पास जाने में वे असहज महसूस करती हैं। इसकी एक वजह पुरुष पुलिसकर्मी की तैनाती है। इन्हीं तमाम बातों को ध्यान में रखकर डीयू के मौरिस नगर को महिला प्रधान पुलिस थाना बनाने का निर्णय लिया गया है। दो-तीन दिन में बदलाव सामने होगा। बाइकर्स के खिलाफ विशेष अभियान : दिल्ली पुलिस जल्द बाइकों की चेकिंग के लिए विशेष अभियान चलाएगी। इसके तहत जांच में जिस गाड़ी के कागजात नहीं पाए जाएंगे उसको जब्त कर लिया जाएगा। पुलिस आयुक्त के अनुसार छापेमारी, लूटपाट एवं कार जैकिंग की अधिकांश वारदातों में बाइकर्स की भूमिका सामने आ रही है। वारदात में इस्तेमाल बाइक चोरी या फर्जी नंबर प्लेट वाली होती हैं। इसलिए बाइकर्स की जांच के लिए अभियान चलाए जाने की जरूरत है(दैनिकजागरण,दिल्ली,25.11.2010)।

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