हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड में बिना परीक्षा दिए प्रमाणपत्र हासिल कर लेने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। योल के अंद्राड़ में ही नहीं, बल्कि देहरा के खैरियां में भी फर्जी परीक्षा केंद्र चलता था और इसे मास्टरमाइंड अश्वनी डोगरा और उसकी टीम ही अंजाम देती थी। यह खुलासा पूछताछ के लिए बुलाए छात्र ने किया है। छात्र ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि देहरा के खैरियां स्कूल में भी फर्जी परीक्षा केंद्र चलता था और इस परीक्षा केंद्र में करीब आठ छात्र दरवाजा बंद करके प्रश्न पत्र हल करते थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पड़ताल और तेज कर दी है और खैरियां स्कूल में पुलिस टीम कभी भी दबिश दे सकती है। पूछताछ के लिए बुलाए गए कच्छियारी के छात्र सुमित ने पुलिस को बताया है कि परीक्षा केंद्र फर्जी तौर से खैरियां स्कूल में चलता था। एमसीएम का संचालक कश्मीर सिंह छात्रों को जीप में डालकर पेपर दिलवाने के लिए खैरियां स्कूल ले जाता था और यहीं पर पेपर चलते थे। छात्र ने और भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां पुलिस पूछताछ में पुलिस को दी है। बिना परीक्षा दिए प्रमाणपत्र हासिल कर लेने के फर्जीवाड़े में योल के समीप अंद्राड़ में भी एक परीक्षा केंद्र चलता था, इसका खुलासा भी हो चुका है कि एक रिटायर्ड सेना अधिकारी की जीप में डालकर छात्रों को कच्छियारी से अंद्राड़ ले जाया जाता था और छात्र अंद्राड़ में अपना और अन्यछात्रों के पेपर करते थे। सुबह से शाम तक पेपर करने के बाद छात्रों के रहने की व्यवस्था भी यहीं की जाती थी, जबकि कुछ छात्र उसी जीप में शाम को घर लौट जाते थे। एएसपी संजीव गांधी ने बताया कि छात्र ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि फर्जी परीक्षा केंद्र खैरियां में चलता था। छात्र से पूछताछ जारी है, इस संबंध में और भी खुलासे हो सकते हैं(दैनिक जागरण,धर्मशाला,10.11.2010)।
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