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24 नवंबर 2010

मोअल्लिम उर्दू : एनसीटीई से स्थिति स्पष्ट करने को कहेगी उत्तरप्रदेश सरकार

बेसिक शिक्षा विभाग मोअल्लिम उर्दू की उपाधि के बारे में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और न्याय विभाग से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहेगा। मोअल्लिम उर्दू उपाधिधारकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ मंगलवार को हुई बैठक में बेसिक शिक्षा सचिव ने यह आश्वासन दिया।
मोअल्लिम उर्दू उपाधिधारक लम्बे समय से खुद को बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक नियुक्त किये जाने की मांग कर रहे हैं। मोअल्लिम उर्दू की उपाधि को एनसीटीई ने मान्यता नहीं दी है। प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए शैक्षिक अर्हता स्नातक और बीटीसी है। इसलिए मोअल्लिम उर्दू उपाधिधारकों की मांग मानी नहीं जा रही है। बैठक में प्रतिनिधिमंडल ने यह मांग की कि एनसीटीई के नियम लागू होने से पहले उन्होंने मोअल्लिम उर्दू की उपाधि हासिल कर ली थी। लिहाजा बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षक नियुक्त होने के लिए मोअल्लिम उर्दू उपाधिधारकों के लिए बीटीसी की बाध्यता नहीं होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में हाई कोर्ट की खंडपीठ का आदेश भी प्रस्तुत किया।
इस पर सचिव बेसिक शिक्षा अनिल संत ने उनसे कहा कि वह उनकी मांग का एनसीटीई और न्याय विभाग से परीक्षण करायेंगे। उन्होंने निदेशक बेसिक शिक्षा से अपेक्षा की कि इस बारे में एनसीटीई से भी स्थिति स्पष्ट करा ली जाए(दैनिक जागरण,लखनऊ,24.11.2010)।

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