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24 नवंबर 2010

कोटद्वारःफीस बच्चों की, सीटें मैडम को

स्कूल प्रबंधन की ओर से बच्चों से बस की मोटी फीस तो वसूली जाती है, लेकिन सीटें मैडम को नसीब होती है। बच्चों को बसों में भेड़-बकरियों की तरह ठूंसा जाता है।
मंगलवार को ध्वनि की मौत ने हर उस अभिवावक को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जो अपने पाल्य को स्कूल बस में यह सोचकर बैठाते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित स्कूल पहुंच जाएगा। हालात यह है कि बच्चों को निर्धारित स्टाप से स्कूल तक ले जाने के क्षेत्र के कई विद्यालयों ने स्कूल बसें लगाई हैं। इसकी एवज में बच्चों से हर माह मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन इन बसों में जिस तरह बच्चों को ठूंसा जाता है, वह काफी हैरत भरा है। स्थिति यह रहती है कि बच्चों की सीटों पर मैडम विराजमान रहती हैं व बच्चे भेड़-बकरियों के समान धक्के खाते हुए किसी तरह विद्यालय तक पहुंचते हैं।
क्षेत्र में हालात इस कदर बदतर हैं कि सुबह के वक्तकई स्थानों पर स्कूली बच्चों से लदे थ्री-व्हीलर भी आसानी से देखे जा सकते हैं। ताजुब्ब की बात यह है कि अपने बच्चे के भविष्य को बेहतर बनाने का सपना देखने वाले अभिभावकों की नजर बच्चे के वर्तमान पर कभी नहीं पड़ती व इसी का लाभ निजी स्कूल प्रबंधन उठाता है। मंगलवार को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आवाज उठाने वालों में विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता तो शामिल थे, लेकिन एक भी अभिभावक की इतनी हिम्मत नहीं हुई कि वह स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अपनी आवाज उठा सके।
कोई स्कूल बस में बच्चों को स्टैडिंग पोजिशन में ले जाना चाहता है तो उसके लिए अतिरिक्त परमिट लेना जरूरी है, लेकिन कोटद्वार-भाबर क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों का प्रबंधन तंत्र नियमों की घोर अवहेलना कर रहा है व प्रशासन भी इस ओर से आंखें मूंदे बैठा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
मामला गंभीर है। पूरे प्रकरण की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही तमाम स्कूल प्रबंधन तंत्रों को नोटिस भी भेजे जाएंगे। व्यवस्था बनाने के लिए स्कूल बसों की चेकिंग भी की जाएगी। ..जीसी गुणवंत, एसडीएम, कोटद्वार
पिछले दिनों क्षेत्र में स्कूल बसों को लेकर अभियान छेड़ था, जिसके तहत स्कूल प्रबंधन तंत्र को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। मंगलवार की हुई दुर्घटना दुखद: है व भविष्य में इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्कूली बसों का निरीक्षण कर चालक व प्रबंधन तंत्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
..अनीता चमोला, एआरटीओ, कोटद्वार क्षेत्र(दैनिकजागरण,कोटद्वार,24.11.2010)

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