मुख्य समाचारः

सम्पर्कःeduployment@gmail.com

03 नवंबर 2010

झारखंडःहर प्रखंड का एक स्कूल आईटीआई से जुड़ेगा। शिक्षक भर्ती के प्रयास तेज़

झारखंड की युवा पीढ़ी अब न तो बेरोजगार रहेगी, न ही औद्योगिक संस्थानों में बहाली के लिए कुशल कामगारों और कर्मचारियों का टोटा होगा। सरकार की मंशा पूरी हुई तो सचमुच ऐसा ही होगा। सरकार की योजना है कि हाई स्कूलों को प्रदेश के आईटीआई से संबद्ध किया जाये, ताकि नौवीं कक्षा के छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही कार्य कुशल बनाया जाये। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रत्येक प्रखंड से एक स्कूल का चयन के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा इस बारे में शिक्षा मंत्री और आला अफसरों से मंत्रणा की है। मुंडा ने चुनिंदा स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे संचालित करने का निर्देश दिया है। बताया जाता है कि फ्रांस की एक कंपनी से बात भी हुई है। मुख्यमंत्री ने स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करने का भी निर्देश दिया है। इसके लिए केंद्र द्वारा दी गई राशि का शीघ्र उपयोग करने और बाकी राशि की मांग करने को लेकर निर्देश दिए हैं। बी-एड प्रशिक्षितों की लाटरी प्रदेश के बी-एड प्रशिक्षित बेरोजगारों की लॉटरी लगने वाली है। प्रशिक्षितों को एकमुश्त शिक्षक पद पर सीधी नियुक्ति कर दी जायेगी। शिक्षकों की भारी कमी तथा नियुक्ति में आने वाली प्रशासनिक अड़चनों के मद्देनजर यह कवायद की जा रही है। शिक्षा मंत्री भी कह चुके हैं कि जेपीएससी की नियुक्ति प्रक्रिया में लेटलतीफी के कारण शिक्षकों की बहाली में वैकल्पिक व्यवस्था भी अपनाई जा सकती है। मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी शिक्षकों के सभी रिक्त पद भरने को प्रयासरत हैं। हालांकि प्राथमिक उर्दू शिक्षक व अपग्रेडेड हाई स्कूलों में शिक्षकों के पद पर नियुक्ति हेतु जेपीएससी कार्रवाई कर रही है। 13000 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अधियाचना राज्य कर्मचारी चयन आयोग को की गई है। इसके बावजूद स्कूलों में हजारों की संख्या में रिक्तियां हैं। इधर, निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम लागू होने से पचास हजार से अधिक शिक्षकों की जरूरत होगी। इन्हें नियुक्त करने को प्रशिक्षित शिक्षकों की सीधी भर्ती की बात चल रही है(दैनिकजागरण,रांची,3.11.2010)।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।