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25 नवंबर 2010

हिमाचल में खुलेंगे तीन वर्षीय मेडिकल स्कूल

हिमाचल में शीघ्र ही तीन वर्षीय मेडिकल स्कूलों की स्थापना की जाएगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) से मान्यता दिलवाने के बाद जिलास्तर पर मेडिकल स्कूलों की स्थापना कर दी जाएगी। इन स्कूलों में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले डॉक्टरों को ग्रामीण सब सेंटरों में तैनात किया जाएगा। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय धर्मशाला (टांडा) में सुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल भवन के शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कही। आजाद ने कहा कि इन स्कूलों में फैकेलिटी और सेवानिवृत्त फैकेल्टी भी सेवाएं दे सकेंगे। आजाद ने कहा कि इस समय देश में 140 सब सेंटर हैं, जहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले डॉक्टरों की तैनाती होगी। हिमाचल में शीघ्र ही दो जीएनएम (ग्रेजुएट इन मिडवाइफरी एंड नर्सिग) स्कूलों की स्थापना भी जाएगी। आजाद ने कहा कि पहले नीति देशभर के लिए एक बनती थी, लेकिन अब राज्यों के हिसाब से नीतियां बनाई गई हैं। इसके तहत डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के अलावा मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए नियमों में छूट दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में एमबीबीएस की कमी है और इस समय देश में 314 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 160 निजी हैं। मंत्री ने कहा कि 200 बिस्तर कासुपर स्पेश्यलिटी अस्पताल होगा और यह डेढ़ वर्ष में तैयार किया जाएगा(दैनिकजागरण,कांगड़ा,25.11.2010)।

1 टिप्पणी:

  1. yये भी अच्छा समाचार है। हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों मे डाक्टरों की बहुत जरूरत है।

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