अब पुलिसवालों की पूरी कुंडली कंप्यूटर पर देखी जा सकेगी। पुलिस मुख्यालय इसके लिए ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट मोड्यूल बना रहा है। इसमें प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों और अफसरों की भर्ती, पदोन्नति,तबादले,विभागीय जांच, निलंबन तक का पूरा ब्योरा उपलब्ध रहेगा। इसके लिए मुख्यालय एनआईसी की मदद से एक सॉफ्टवेयर तैयार करवा रहा है।
सॉफ्टवेयर तैयार होते ही इसमें डीजीपी से लेकर कॉन्स्टेबल तक सबका रिकॉर्ड जुटाने का काम शुरू हो जाएगा। इस पूरी कवायद में करीब छह माह का वक्त लगेगा, लेकिन इसके बाद महकमे का प्रशासकीय काम बेहद आसान हो जाएगा। इसके अलावा विधानसभा सत्रों के दौरान जिला मुख्यालयों से जानकारी मंगाने की झंझट से भी छुटकारा मिल जाएगा।
एनआईसी ने पुलिस मुख्यालय की जरूरत के मुताबिक इस पर काम शुरू कर दिया है, इसके लिए पहले चरण में करीब पांच लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
विभागीय जांच,भ्रष्टाचार के आरोप नहीं छिपेंगे
वर्तमान प्रणाली में पुलिस अफसरों पर चल रही विभागीय जांच की स्थिति जानने के लिए संबंधित जिलों से उसका पूरा ब्योरा मंगवाना होता है। इसमें काफी समय लगता है, लेकिन सॉफ्टवेयर में डाटा बेस बन जाने के बाद कुछ सेकंड में ही संबंधित पुलिस अधिकारी का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा। यहां इस बात का भी उल्लेख होगा कि उक्त अधिकारी के खिलाफ जांच का क्या परिणाम आया और उस पर क्या कार्रवाई हुई? अधिकारियों को दिए जाने वाले शोकॉज नोटिस की जानकारी भी उसमें शामिल की जाएगी।
प्रमोशन, ट्रांसफर समय पर मिलेंगे: एक पद पर निर्धारित अवधि पूरी कर लेने के बाद संबंधित पुलिस अधिकारी के तबादले और प्रमोशन का भी पूरा फॉर्मेट तय रहेगा। इससे मुख्यालय आसानी से यह तय कर सकेगा कि कितनों का तबादला करना है और कितनों के प्रमोशन का समय आ गया है?
इस पूरी कवायद से स्टेशनरी बचेगी और पत्र व्यवहार में लगने वाला समय भी बचेगा।
एनआईसी की मदद से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट मॉडच्यूल बनाया जा रहा है। इससे व्यवस्था और ज्यादा पारदर्शी होगी और उसमें गड़बड़ी की आशंका नहीं रहेगी। पुलिसकर्मी या अफसर से संबंधित पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।
मैथिलीशरण गुप्त,एडीजी,प्रशासन(दैनिक भास्कर,भोपाल,24.11.2010)
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