स्नातकोत्तर विभागों को जल्द चालू किया जायेगा. इसके लिए शिक्षकों की आवश्यकता है. अत जमशेदपुर से सीनियर शिक्षकों का चाईबासा स्थानांतरण किया जायेगा. यह बात कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सलिल राय ने कही. वह रविवार को जमशेदपुर दौरे के क्रम में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि चाईबासा पिछड़ा क्षेत्र है. गरीब क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शिक्षा पाने का समान अधिकार है. अत हम शिक्षकों का कर्तव्य बनता है कि ऐसे क्षेत्र में जाकर सेवा दें. डॉ राय ने कहा कि कुलपति होने से पहले मैं एक शिक्षक हूं.
कानून के दायरे में रह कर यथासंभव सहयोग इसलिए हम सभी को साथ मिल कर यहां शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाना है. इस बीच यदि किसी शिक्षक को किसी प्रकार की जरूरत हो, तो उन्हें यथासंभव मदद मिलेगी, मगर वह भी कानून के दायरे में रह कर.
बकाया का लेन-देन एक माह में डॉ रॉय ने कहा कि शिक्षकों का जो भी बकाया का लेन-देन है, वह एक माह में पूरा कर दिया जायेगा. जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं उनका भुगतान भी किया जायेगा. इसके अलावा जो भी सेवानिवृत्त होंगे, साथ ही उनका पेंशन लागू करने के साथ ही पीएफ भी क्लीयर कर दिया जायेगा. इस मामले में बहुत स्पष्ट है कि वर्षो काम करने के बाद सेवानिवृत्ति के समय सर्विस बुक देखने की जरूरत नहीं है.
न्यायालय का भी आदेश है जो भी जांचना-समझना है सेवाकाल में ही उसे पूरा कर लिया जाये. सेवानिवृत्त के बाद किसी को परेशान नहीं किया जा सकता.70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति वाले विद्यार्थी पुरस्कृत होंगेकुलपति ने कहा कि वैसे छात्र जिनकी कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति होगी, उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा. इसमें प्राचार्य का एप्रूवल जरूरी है. पुरस्कार के रूप में डेढ़ से दो हजार रुपये की किताबें जरूरत के अनुसार दी जायेंगी.पहले डय़ूटी, फिर परिवारउन्होंने कहा कि सबसे पहले डय़ूटी है, उसके बाद परिवार है. इसमें छात्र सबसे ऊपर, फिर शिक्षक और उसके बाद अन्य चीजें हैं.हर दिन करूंगा कॉलेजों का निरीक्षणउन्होंने कहा कि कॉलेजों में शैक्षणिक माहौल तैयार होगा, तभी विश्वविद्यालय का विकास संभव है. इसके लिए वह स्वयं प्रतिदिन यथासंभव कॉलेजों का दौरा कर निरीक्षण करेंगे(प्रभात ख़बर,रांची,22.11.2010).
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