हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सर्टिफिकेट फर्जीवाड़े से सबक लेते हुए बोर्ड प्रशासन ने इस बार किसी भी अधूरे प्रवेश पत्र को स्वीकार न करने का निर्णय लिया है। यदि कोई भी अधूरे प्रवेश पत्र बोर्ड कार्यालय को प्राप्त होते हैं तो उन्हें तुरंत वापस कर दिया जाएगा।
बोर्ड सचिव प्रभात शर्मा ने बताया कि मार्च 2011 में संचालित की जाने वाली मैट्रिक, जमा एक और जमा दो कक्षाओं के नियमित परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्रों को बिना विलंब शुल्क कार्यालय में जमा करवाने की तिथि को 30 अक्टूबर से बढ़ाकर 15 नवंबर कर दिया गया है।
इसके बाद किसी भी नियमित परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्राइवेट परीक्षार्थियों के लिए बिना बिलंब शुल्क प्रवेश पत्र जमा करवाने की तिथि तो 15 नवंबर 2010 है, लेकिन पूर्व निर्धारित नियमानुसार 1000 रुपए बिलंब शुल्क सहित 15 दिसंबर 2010 तक प्रवेश पत्र स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद किसी भी प्राइवेट परीक्षार्थी का प्रवेश पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा(दैनिक भास्कर,शिमला-धर्मशाला,3.11.2010)।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
टिप्पणी के बगैर भी इस ब्लॉग पर सृजन जारी रहेगा। फिर भी,सुझाव और आलोचनाएं आमंत्रित हैं।