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17 नवंबर 2010

एमडीएस यूनिवर्सिटीःपाठ्यक्रम जारी न होने से बौखलाए छात्र

एमडीएस यूनिवर्सिटी की ओर से पाठ्यक्रमों की उपलब्धता निर्धारित समय पर सुनिश्चित नहीं करने से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने 32 सूत्रीय मांगों के समर्थन में मंगलवार को एमडीएस यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार को बंदकर प्रदर्शन किया।

कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के विभिन्न सिलेबसों की प्रतियां जलाईं व प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। कार्यकर्ता बुधवार से अजमेर, पाली, टोंक, नागौर और भीलवाड़ा में धरने देंगे व प्रदर्शन करेंगे। बुधवार को दयानंद कॉलेज में प्रदर्शन करेंगे। यूनिवर्सिटी में एबीवीपी अध्यक्ष मोहित जैन सहित शहर के विभिन्न कॉलेजों के छात्र एवं एबीवीपी कार्यकर्ता सुबह 11 बजे यूनिवर्सिटी के मुख्य दरवाजे पर एकत्र हुए। सिलेबस जारी नहीं किए जाने से आक्रोशित छात्रों ने मुख्य द्वार बंद कर दिया व प्रदर्शन करते हुए सिलेबसों की होली जलाई।

यहां से कार्यकर्ता कुलपति से मिलने बृहस्पति भवन पहुंचे। कुलपति के नहीं होने पर उन्हें अंदर जाने से रोका तो छात्रों ने भवन के बाहर नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। शोरशराबा होने पर यूनिवर्सिटी के चीफ प्रोक्टर सुब्रतो दत्ता ने उन्हें रजिस्ट्रार बीएल सुनारिया से मिलवाया। यहां एबीवीपी की ओर से सिलेबस संबंधी शिकायतों को लेकर ज्ञापन और 32 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। ज्ञापन देने वालों में मोहित जैन के साथ दयानंद कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष विक्रम स्वामी, परिषद के यूनिवर्सिटी उपाध्यक्ष विनोद कुमार मीणा, अजय शर्मा, भानुप्रताप सिंह और रोहित जैन शामिल थे।

रजिस्ट्रार से मोहित ने कहा कि कुलपति ने दो साल पहले एकेडमिक काउंसिल की बैठक में निर्णय किया था कि स्नातक स्तर पर विद्यार्थियों को 3 साल का पाठ्यक्रम एक साथ मिल जाएगा लेकिन इस वर्ष गणित अंतिम वर्ष का पाठ्यक्रम बदल दिया गया। स्नातक स्तर पर विज्ञान के किसी भी वर्ष के लिए पाठ्यक्रम जारी नहीं हुआ है। बीए द्वितीय वर्ष में भी अचानक पाठ्यक्रम बदला गया।

परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने विवि कैंपस की 32 समस्याओं की जानकारी देकर समाधान की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो विवि में जनवरी में प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रम बणी-ठणी होने नहीं दिया जाएगा। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यूनिवर्सिटी में इतनी अव्यवस्थाओं के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाने का कोई तुक नहीं है। रजिस्ट्रार सुनारिया ने समस्याओं के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया(दैनिक भास्कर,अजमेर,17.11.2010)।

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