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24 नवंबर 2010

छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विवि ने नहीं छोड़ा गाउन का मोह

बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर केंद्रीय विवि ने जहां दीक्षांत समारोह में गाउन की अनिवार्यता का मोह छोड़ दिया है, लखनऊ विश्र्वविद्यालय इसे त्यागने की सोच रहा है वहीं छत्रपति शाहूजी महाराज चिकित्सा विवि अभी भी गाउन का मोह नहीं छोड़ा पा रहा है। प्रशासन का मानना है कि गाउन पहनना दीक्षांत समारोह का हिस्सा है इसमें फेरबदल करना ठीक नहीं। चिकित्सा विवि के 20 दिसंबर को प्रस्तावित छठे दीक्षांत समारोह में छात्र परंपरागत तरीके से गाउन ही पहनेंगे। बीती सोमवार को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में गाउन पर गहन चर्चा के बाद यह तय किया गया। मंगलवार को विवि के कुलानुशासक प्रो.अब्बास अली मेहंदी ने बताया कि दीक्षांत समारोह में मणिपाल विवि के कुलपति और चिकित्सा विवि के पूर्व छात्र प्रो. बीएम हेगड़े को समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया है। इसके साथ कुलाधिपति बीएल जोशी और चिकित्सा शिक्षा मंत्री भी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। डॉ. मेहंदी ने बताया कि दीक्षांत समारोह से ठीक एक दिन पहले विवि का स्थापना दिवस मनाया जाएगा, इस दौरान ज्यादातर मेडल दिए जाएंगे। विशेष मेडल 20 तारीख को दिए जाएंगे। बीएससी नर्सिग की डिग्री पहली बार : चिकित्सा विवि के दीक्षांत समारोह में पहली बार बीएससी नर्सिग की डिग्री भी दी जाएंगी। इसकी शुरुआत विवेकानंद पॉलीक्लीनिक में चल रहे इस पाठ्यक्रम के पहले बैच से होगी। आठ दिन चलेगा कार्यक्रम : दीक्षांत समारोह का आगाज 13 दिसंबर को स्पो‌र्ट्स एक्टिविटी के साथ होगा। 13 से 15 तक खेल-कूद प्रतियोगिताएं होने के बाद 16-18 तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला रैप्सोडी का आयोजन होगा। 19 को चिकित्सा विवि का स्थापना दिवस मनाया जाएगा और 20 को दीक्षांत समारोह के साथ इसका समापन होगा(दैनिकर जागरण,लखनऊ,24.11.2010)।

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