'स्वयंवर' और 'गांधी स्टडी सेंटर' जैसी नई अवधारणा को साकार रूप देकर राष्ट्रीय ख्याति बटोरने वाले जमशेदपुर महिला महाविद्यालय ने अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से उच्च शिक्षा के लिए आने वाली छात्राओं को सीधे आर्थिक मदद पहुंचाने के उद्देश्य से 'हेल्प बैंक' की स्थापना की दिशा में पहल की है। शैक्षिक सत्र 2010-11 के तहत प्रयोग के तौर पर लांच हुई इस योजना के जरिए पहले वर्ष में महाविद्यालय की करीब 1300 छात्राओं को परीक्षा फार्म भरने के लिए धन उपलब्ध कराया गया है। इस देर राशि पर किसी तरह का ब्याज नहीं वसूला जाएगा। छात्राएं निकासी की गई राशि का भुगतान अपनी छात्रवृत्ति अथवा निजी स्रोत से कई किस्तों में कर सकेंगी।
कैसे काम करेगा 'बैंक'
* छात्राओं की फीस का कुछ हिस्सा महाविद्यालय इस मदद में रखेगा।
* नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आने वाली गरीब छात्राएं ले सकेंगी लोन।
* निकाली गई राशि पर छात्राओं को से कोई ब्याज नहीं लगेगा।
* कालेज में प्रवेश पाने वाली 10 प्रतिशत छात्राओं को मिलेगी मदद
* छात्रवृत्ति अथवा निजी स्रोत से किस्त में जमा करने होगी राशि
'पैसे के अभाव में छात्राएं शिक्षा से वंचित न रह जाए, इसी कोशिश के तहत यह परिकल्पना की गई है'-डॉ. शुक्ला मोहंती, प्रिंसिपल, वीमेंस कालेज(दैनिक जागरण,जमेशेदपुर,24.11.2010)
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