प्रदेश में रविवार को प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की तरफ से क्लर्कपदों की भर्ती के लिए लिया गया टेस्ट सवालों के घेरे में आ गया है। परीक्षा के लिए दिया गया प्रश्न पत्र गलतियां से भरा था। प्रश्न पत्र में कई ऐसे सवाल पूछे गए थे, जिन्हें पढ़कर छात्र उलझन में पड़ गए। परीक्षार्थियों के अनुसार प्रश्न पत्र में पूछे गए सवाल हिमाचल प्रदेश में 1948 में कितने किलोमीटर सड़के थीं और अल्पप्राण व महाप्राण क्या होता है, के दिए गए सभी विकल्प गलत थे।
परीक्षा के दौरान 200 प्रश्नों में से तीन में दिए गए चारों ही विकल्प गलत थे। 14वें सवाल में पूछा गया था कि 1948 में हिमाचल में कितनी सड़कें थीं। इसका सही जवाब 426 किलोमीटर है। लेकिन चारों विकल्पों में यह शामिल नहीं था। इसी तरह प्रश्न नबंर 61 में पूछा गया था कि महाप्राण वर्ण हैं, श, र, य एवं व। लेकिन इन चारों वर्णो में कोई भी विकल्प महाप्राण वर्ण से संबंधित नहीं है। सवाल 74 में में यह सवाल किया गया कि भारतीय सिविल सेवा में पहले भारतीय कौन चुने गए थे। इसमें भी दिए गए चार विकल्पों में सुरेंद्र नाथ बैनर्जी, सरोजिनी नायडू, लाला लाजपत राय व सीआर दास के नाम शामिल थे, जबकि इसकी सही उत्तर सत्येंद्र नाथ टैगौर है।
इसी तरह पूछा गया था कि हिमाचल की सबसे बड़ी नदी कौन सी है। इसका जवाब चंद्रभागा या चिनाब होना था, जो उत्तर के विकल्पों में नहीं था। सबसे बड़ी नदी उसी को माना जाता है जिसमें पानी अधिक होता है।
इस संबंध में अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड के सचिव एचआर शर्मा का कहना है कि सवाल गलत होने के संदर्भ में उनके पास कोई भी लिखित या मौखिक शिकायत नहीं आई है। उन्होंने बताया कि यदि मुद्रण दोष के कारण कुछ प्रश्न गलत हो गए हैं तो उन्हें रद्द माना जाएगा। उदाहरण के लिए दो सौ अंक की परीक्षा में यदि चार प्रश्न गलत हो जाते हैं तो कुल अंक 196 माने जाएंगे। इसके बावजूद यह जांच जरूर की जाएगी कि सवाल गलत हैं या नहीं हैं और यदि गलत हैं तो किस आधार पर।
परीक्षार्थी प्रमोद कुमार, मीनाक्षी, अर्चना व विनोद कुमार का कहना है कि प्रश्न पत्र में कोई सही विकल्प न होने कारण उनको मजबूरी में उक्त सवाल छोड़ने पड़े। परीक्षाथिर्यों ने इन गलत प्रश्नों के अतिरिक्त अंक देने की मांग की है(रविन्द्र वासन,दैनिक जागरण,धर्मशाला,23.11.2010)।
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